Bihar News:(नरेन्द्र प्रसाद सिंह) भोजपुर जिले में इन दिनों उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. शनिवार को तेज धूप और उमस के कारण सुबह से ही लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया। सुबह 7 बजे के बाद ही सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिला. दिनभर तेज धूप और उमस के कारण लोग छांव की तलाश करते नजर आए. कार्यालयों और कार्यस्थलों पर भी कामकाज प्रभावित हुआ, क्योंकि लगातार पसीना आने से सामान्य काम करना मुश्किल हो गया.
तापमान 42 डिग्री, स्वास्थ्य पर असर
मौसम विभाग के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा. लगातार उमस और गर्मी के कारण लोगों की परेशानी और बढ़ गई है. अस्पतालों में बुखार, गले में दर्द, सिर दर्द, खुजली और बेचैनी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है. डॉक्टरों के अनुसार गर्मी का असर हर आयु वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है, लेकिन सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है.
पूर्वा हवा और उमस से बढ़ी बेचैनी
पूर्वा हवा के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिससे शरीर से लगातार पसीना निकल रहा है. कई लोगों को कपड़े तक भीग जाने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. कार्यालयों में भी कर्मचारियों को काम करने में दिक्कत हो रही है, क्योंकि लगातार पसीना आने से फाइलों और कागजात पर काम करना मुश्किल हो रहा है.
ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात खराब
ग्रामीण इलाकों में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए पेड़ों की छांव का सहारा ले रहे हैं. कई लोग दिन के समय घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. इस दौरान लोग सत्तू का शर्बत, नींबू पानी और बेल का शर्बत पीकर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं.
डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संजय कुमार सिंहा ने लोगों को गर्मी के मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि इस मौसम में हल्का और ताजा भोजन करना चाहिए तथा तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए. उन्होंने बताया कि हरी सब्जियां, सलाद और ताजे फलों का सेवन करना लाभदायक है. साथ ही डिब्बाबंद और बासी भोजन से बचने तथा दिन में पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई.
