Arrah News : स्थानीय प्रखंड सभागार गड़हनी में प्रमुख के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विशेष बैठक आयोजित की गई. हालांकि कोरम के अभाव में अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया और प्रखंड प्रमुख विनोद यादव अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे.
बीडीओ अर्चना कुमारी ने बताया कि नियम के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पारित कराने के लिए एक-तिहाई से अधिक बहुमत आवश्यक था, लेकिन पर्याप्त संख्या नहीं जुट सकी. प्रखंड में कुल 12 बीडीसी सदस्य हैं, जिसमें प्रमुख की कुर्सी गिराने के लिए कम से कम आठ सदस्यों का समर्थन जरूरी था. जबकि विपक्ष के पक्ष में केवल सात बीडीसी सदस्य ही बैठक में उपस्थित हो सके.
बैठक में ये हुए शामिल
बैठक में इचरी पंचायत की सुगंती देवी, बलिगांव पंचायत की राधा देवी, काउप पंचायत के मोहन राम, हरपुर पंचायत की सुनीता देवी, करकरी पंचायत के पुरुषोत्तम कुमार, बगवां की पुष्पा देवी एवं बड़ौरा के बिमल यादव मौजूद थे.
प्रमुख विनोद यादव बोले-सत्य की जीत हुई
गौरतलब है कि प्रमुख विनोद यादव के खिलाफ 29 अप्रैल को बीडीसी सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बीडीओ को आवेदन सौंपा गया था.
अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद प्रमुख विनोद यादव ने कहा कि “सत्य की जीत और असत्य की हार हुई है. पूर्व प्रमुख द्वारा लगाए गए सभी आरोप गलत साबित हुए हैं.
विपक्ष बोला-कानून का सहारा लिया जाएगा
वहीं पूर्व प्रमुख बिमल यादव ने कहा कि पुराने नियम का हवाला देकर बीडीओ द्वारा दो-तिहाई बहुमत नहीं होने की बात कहकर अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिया गया, जबकि नए नियम के अनुसार जिस पक्ष के पास अधिक सदस्यों का समर्थन हो, उसकी जीत मानी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर आगे कानून का सहारा लिया जाएगा.
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