फारबिसगंज स्थित विद्या भारती विद्यालय, सुलोचना देवी डॉ. डी. एल. दास सरस्वती शिशु विद्या मंदिर कटहरा में मंगलवार को 'मातृ सम्मेलन' का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य सुदर्शन कुमार पटेल ने अतिथियों का परिचय और स्वागत कर किया. सम्मेलन में माताओं और विद्यालय के बीच समन्वय बनाकर बच्चों में नैतिक मूल्य और संस्कार विकसित करने पर गहन विमर्श हुआ.
'पंच परिवर्तन' से समाज की विकृतियों को दूर करने की अपील
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित क्षेत्र के संगठन मंत्री ख्याली राम ने 'पंच परिवर्तन' के विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त विभिन्न सामाजिक कुरीतियों और विकृतियों को दूर करने में माताओं की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है. उन्होंने बल देकर कहा कि भैया-बहनों (छात्र-छात्राओं) के सर्वांगीण विकास में परिवार और खासकर मां की पहली सीख अहम होती है. इसके लिए घर के वातावरण और दैनिक संस्कारों में सुधार जरूरी है.
177 माताओं की सक्रिय सहभागिता, साझा किए अपने विचार
इस मातृ सम्मेलन में लगभग 177 माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. उपस्थित माताओं ने विद्यालय और परिवार के संयुक्त प्रयास से बच्चों के भीतर चरित्र निर्माण, अनुशासन, नैतिक संस्कार तथा राष्ट्रहित की भावना जगाने को लेकर अपने-अपने सुझाव और विचार साझा किए.
कार्यक्रम में ये प्रमुख अतिथि रहे मौजूद
सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानाध्यापक किरण देवी ने की. इस अवसर पर प्रदेश सचिव रामलाल सिंह, विभाग प्रमुख गणेश प्रसाद (पूर्णिया), कृष्ण प्रसाद (कोशी विभाग), जिला संघचालक सचिदानंद मेहता, प्रबंधकारिणी समिति के सह-सचिव कर्नल दास, समिति सदस्या ममता देवी व देवकला देवी सहित विद्यालय के आचार्य व शिक्षिकाएं मौजूद रहीं. सभी के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.
