फारबिसगंज (अररिया). ऑनलाइन दवा व्यवसाय के विरोध में फारबिसगंज अनुमंडल के 700 से अधिक औषधि प्रतिष्ठानों के मालिक, साझेदार व कर्मी काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन कर रहे हैं. यह विरोध शुक्रवार से 19 मई तक जारी रहेगा.ऑनलाइन दवा बिक्री के प्रोत्साहन व नई दवा नीति के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एवं बिहार केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर 20 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल होगी. इस दिन फारबिसगंज अनुमंडल की सभी थोक व खुदरा दवा दुकानें बंद रहेंगी.फारबिसगंज केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश कुमार साह, सचिव मनोज कुमार भारती, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता एवं संरक्षक विनोद सरावगी ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी के बढ़ते दायरे से पारंपरिक दवा व्यवसाय पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है. उपाध्यक्ष मनोज मेहता, संगठन सचिव मणि शंकर, संयुक्त सचिव गणेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने मांगों पर विचार नहीं किया तो आंदोलन तेज होगा. उन्होंने कहा कि खुदरा दुकानों को फार्मासिस्ट व कई नियमों से चलाना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन कंपनियां नियमों की अनदेखी कर रही हैं. संघ का आरोप है कि AI से प्रिस्क्रिप्शन बनाकर भारी डिस्काउंट पर दवा बेची जा रही है. ऑनलाइन फार्मेसी में नारकोटिक ड्रग्स की आपूर्ति, दवाओं की गुणवत्ता पर संदेह और एंटीबायोटिक की अनियंत्रित बिक्री हो रही है.हड़ताल को सफल बनाने के लिए पोस्टर, हैंडबिल, बैनर व माइकिंग की जा रही है. संरक्षक विनोद सरावगी ने लोगों से अपील की कि रोजमर्रा की दवाएं पहले खरीद लें. बंदी की सूचना एसडीओ, एसडीपीओ, सहायक औषधि नियंत्रक व आइएमए अध्यक्ष को दे दी गयी है.
ऑनलाइन बिक्री के विरोध में दवा दुकानदारों ने पहनी काली पट्टी, 20 मई को हड़ताल
ऑनलाइन बिक्री के विरोध में दवा दुकानदारों ने पहनी काली पट्टी, 20 मई को हड़ताल
