बारिश से धान की फसल बर्बाद, चुनाव प्रचार भी प्रभावित

मोंथा चक्रवात से हुआ भारी नुकसान

कुर्साकांटा/ भरगामा. चक्रवाती तूफान मोंथा का असर लगातार चौथे दिन भी जिले में जारी है. लगातार चौथे दिन प्रखंड क्षेत्र में बारिश का असर देखा जा रहा है. वहीं मौसम विभाग ने भी राज्य के 26 जिलों में अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने राज्य के 26 जिलों में लगातार बारिश व वज्रपात के साथ हीं करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने आमलोगों के साथ हीं किसानों को भी अलर्ट किया है कि किसान खेतों की तरफ न जायें. मौसम विभाग ने शनिवार को विशेष अलर्ट जारी किया है.

किसानों को हुआ नुकसान

चक्रवात मोंथा की वजह से हो रही लगातार बारिश व तेज हवा की वजह से खेतों में खड़ी फसल अब बर्बाद होने की कगार पर आ गई है. कुर्साकांटा प्रखंड के पहुंसी, डाढ़ापीपर, खुटाहरा व भरगामा प्रखंड क्षेत्र के शंकरपुर, जयनगर, कुशमौल, सिमरबनी, महथावा, सिरसिया, पैकपार, खजुरी, बीरनगर, धनेश्वरी गांव के खेतों मे धान का फसल जमीन पर गिर गया. उपर से जलजमाव के कारण धान की बालियों मे अंकुरण शुरु होने लगा है. लगातार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. लगातार बारिश की वजह से धान के फसल के साथ हीं सब्जी का फसल अब बर्बाद होने के कगार पर है.

चुनाव प्रचार पर भी असर

बिहार विधानसभा चुनाव के दुसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होना है लेकिन मतदान से ठीक पहले लगातार बारिश ने चुनाव प्रचार पर भी अपना असर डाला है. लगातार खराब मौसम की वजह से हेलिकॉप्टर उड़ नहीं पा रहा है जिसकी वजह से कई बड़े नेताओं की रैली रद्द कर दी गई है. उम्मीदवार छाता लेकर क्षेत्र मे प्रचार प्रसार करते दिख रहें है.

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बारिश के कारण सड़क पर जलजमाव से परेशानी

पलासी. प्रखंड मुख्यालय से जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क पलासी भाया मदनपुर होते हुए रामपुर पचकौडी चौक अररिया मार्ग पर जगह-जगह पर बनीं जान लेवा गड्ढे में जल जमाव के कारण समस्या उत्पन्न हो जाने से लोगों को आवागमन करने में काफी दिनों से परेशानियां हो रही हैं. वही प्रखंड मुख्यालय से किसान चौक, प्रखंड मुख्यालय खेखवा चौक से मालद्वार लक्ष्मी मंदिर.बरहट स्कूल से गोपालनगर से धर्मगंज.मैनाहाट से बलुआ कलियागंज आदि मार्गों की स्थिति जर्जर हों जाने के साथ सड़कों पर बने गड्ढे में जल जमाव की समस्या उत्पन्न हो गया है. जिससे प्रत्येक दिन छोटी-मोटी सड़क दुघर्टना होना आम बात हो गया है. वहीं सिकटी विधानसभा क्षेत्र के कुछ मार्गों पर संवेदक द्वारा जर्जर सड़कों पर कार्य प्रारंभ किया है. सड़क को खोद कर जैसे तैसे स्थिति में छोड़ दिया है. जिससे लोगों को पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है.

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बिन मौसम बरसात ने किसानों को भारी क्षति पहुंचाईजोकीहाट. जोकीहाट प्रखंड क्षेत्र में बिन मौसम वर्षा ने किसानों को भारी क्षति पहुंचाई है. खासकर आलू, सरसों, सब्जी, मक्का की खेती करने वाले किसान चिंता में डूब गए हैं.खासकर बागनगर, चिल्हनिया, मटियारी, चकई, चीरह, भूना मजगामा, पछियारी पिपरा, कुरसेल, महलगांव आदि के किसान अगेता आलू की फसल करते हैं. दुर्गा पूजा के बाद से ही आलू रोपनी कर दिये थे. कुछ खेतों में आलू के पौधे उगे हैं और कुछ अभी जमीन के अंदर ही हैं. मंजूर, मोहन मंडल, रजाउल हक, राजा यादव ने बताया कि थोड़ी बारिश से फसल को फायदा ही होता लेकिन अधिक वर्षा ने सबकुछ बिगाड़ दिया. वहीं सरसों के पौधे भी खेतों में लगे पानी के कारण गल जायेगा. गोभी, मूली, पालक, मिर्ची, धनिया बोने वाले किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है. मक्का किसानों को खेतों को तैयार करने में कठिनाई हो रही है.जो किसान मक्का की रोपाई कर दिए हैं पानी लगने से बीज सड़ जायेगा. किसानों का कहना है कि कीमती बीज खरीदकर मक्के की रोपाई की लेकिन बिन मौसम वर्षा ने सबकुछ बिगाड़ दिया. उधर हवा के कारण धान को भी नुकसान हुआ है. धान की फसल पानी में गिर गई है जिससे धान की फसल की मार खाने की आशंका किसानों को सता रहा है. किसानों ने जिला प्रशासन से जांच कर फसल मुआवजा देने की मांग की है. खासकर मक्का की फसल रोपाई में विलंब से किसानों की चिंता स्वाभाविक है. आलू, सब्जी, मक्का, धान की खेती को बारिश ने तबाही मचा दी है.

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