अररिया में रात को भी मुस्तैद दिखी पुलिस: सभी प्रमुख नाकों पर सघन वाहन चेकिंग, कट रहे चालान

अररिया जिले में रात के समय पुलिस की चौकसी तेज हो गई है. एसपी के निर्देश पर प्रमुख शहरी और ग्रामीण इलाकों में सघन वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य चोरी, नशे की रोकथाम और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाना है.

अररिया जिले में रात के समय भी पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले के विभिन्न शहरी और ग्रामीण इलाकों में बाइक सवारों की सघन जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों का धड़ल्ले से चालान काटा जा रहा है. पुलिस का दावा है कि रात के समय बढ़ने वाली चोरी की घटनाओं, नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है.

रात 8 बजे के बाद किले में तब्दील हो रहे हैं प्रमुख शहर

जिला पुलिस ने रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए विशेष नाकेबंदी की रणनीति अपनाई है. इसके तहत:

  • प्रमुख फोकस क्षेत्र: जिला मुख्यालय के अलावा फारबिसगंज, जोगबनी और नरपतगंज जैसे संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में रात 08:00 बजे के बाद नाकेबंदी को अचानक तेज कर दिया जाता है.
  • दस्तावेजों की कड़ाई से जांच: बैरिकेडिंग कर हर आने-जाने वाले बाइक सवार को रोका जा रहा है. पुलिस कर्मी चालकों से हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस (DL), गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कार्ड (RC) और वैध इंश्योरेंस (बीमा) के कागजात मांग रहे हैं. जिन चालकों के पास पूरे कागजात नहीं मिल रहे हैं, उनका ऑन-द-स्पॉट (मौके पर) डिजिटल चालान काटा जा रहा है.

सुरक्षा से राहत, पर इमरजेंसी में जाने वालों को हो रही आफत

एक तरफ जहां पुलिस की इस सक्रियता से अपराध और बाइक चोरी की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ इस अभियान को लेकर स्थानीय आम जनता में आंशिक आक्रोश भी देखा जा रहा है:

  1. समय की बर्बादी: रात के वक्त बाजार से घर लौट रहे आम दुकानदारों, अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों या रिश्तेदारों के यहां से आ-जा रहे आम नागरिकों को भी जांच के नाम पर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है.
  2. घंटों लग रहा जाम: कई कामकाजी लोगों और नौकरीपेशा युवाओं ने शिकायत की है कि अपनी नाइट ड्यूटी या किसी बेहद जरूरी काम से जाने के दौरान भी उन्हें नाकों पर 15 से 20 मिनट तक रोक कर रखा गया, जिससे उन्हें भारी असुविधा और देरी का सामना करना पड़ा.

"संदिग्धों को पकड़ें, आम जनता को परेशान न करें": स्थानीय नागरिक

चेकिंग के तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और राहगीरों का कहना है कि पुलिस का मुस्तैद रहना बेहद जरूरी है और वे हेलमेट व कागजात की जांच का समर्थन करते हैं. लेकिन सिर्फ आम और सीधे-साधे लोगों को रोककर औपचारिकता पूरी करना ठीक नहीं है. पुलिस को अपना इनपुट मजबूत करना चाहिए और केवल संदिग्ध दिखने वाले व्यक्तियों व देर रात हुड़दंग मचाने वाले शरारती तत्वों पर ही कड़ी नजर रखनी चाहिए.

पुलिस की अपील: सुरक्षा के लिए करें सहयोग, साथ रखें पूरे कागजात

इस पूरे मामले और जनता की शिकायत पर अपना पक्ष रखते हुए एक वरीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में देर रात बाइक चोरी और शराब के नशे में वाहन चलाने (ड्रिंक एंड ड्राइव) के मामलों में तेजी आई है.

सड़क हादसों को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा को बनाए रखने के उद्देश्य से यह रात्रि चेकिंग अभियान आगे भी पूरी कड़ाई से जारी रहेगा. उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं बल्कि पुलिस का सहयोग करें. रात में घर से निकलते समय वाहन के सभी वैध कागजात, हेलमेट और अपना पहचान पत्र साथ रखना न भूलें ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके.


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