भाजपा के कब्जे वाली फारबिसगंज सीट पर मनोज विश्वास ने दर्ज की जीत

कांग्रेस की पुरानी विरासत को पुनः वापस लौटाया

फारबिसगंज. बिहार विधान सभा आम चुनाव 2025 का शुक्रवार को संपन्न हुए मतगणना में फारबिसगंज विधान सभा क्षेत्र से इंडिया गठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी मनोज विश्वास ने 1990 से भाजपा के कब्जे वाली फारबिसगंज विधान सभा सीट पर अपनी जीत दर्ज कराकर कांग्रेस की पुरानी विरासत को पुनः वापस लौटा कर लाने का प्रयास करने में सफलता अर्जित की है. इस विधान सभा क्षेत्र में इंडिया गठबंधन के कांग्रेस के मजबूत पकड़ अब भी बरकरार है.इसका एहसास करा दिया है. मतगणना के शुरू होने के बाद लोग मतगणना के आ रहे परिणाम पर लगातार नजर बनाए हुए थे. इस बात को जानने के लिए बेचैन थे कि 1990 से भाजपा के कब्जे वाले इस सीट पर भाजपा के निवर्तमान विधायक विद्यासागर भाजपा के कब्जे को बरकरार रख पायेंगे, हैट्रिक लगा पाएंगे या फिर कांग्रेस प्रत्याशी मनोज विश्वास 1990 से भाजपा के कब्जे वाली इस सीट पर अपनी जीत दर्ज करा पायेंगे या नहीं. लेकिन जैसे जैसे मतगणना का रुझान आता गया वैसे वैसे कांग्रेस प्रत्याशी मनोज विश्वास का मजबूत पकड़ सामने आते गया. अंत में कांग्रेस प्रत्याशी मनोज विश्वास ने 48 फारबिसगंज विधान सभा सीट पर अपनी जीत दर्ज करा कर जहां इस विधान सभा क्षेत्र में एक बार पुनः कांग्रेस व महागठबंधन का मजबूत पकड़ का है. वहीं लगातार दो टर्म से भाजपा के निवर्तमान विधायक विद्यासागर उर्फ मंचन केसरी अपनी हैट्रिक नही बना पाये. जानकारों की माने तो 1990 के बाद जब भाजपा ने फारबिसगंज विधान सभा सीट पर अपनी जीत दर्ज की तो वर्ष 2000 में जाकिर हुसैन खान ने फारबिसगंज विधान सभा से बसपा के टिकट पर अपनी जीत दर्ज की मगर वर्ष 2000 के बाद यहां भाजपा का ही कब्जा रहा. लेकिन 2025 में भाजपा का अपने इस सीट को बचा पाने में नाकाम रही. कांग्रेस ने 25 वर्षों के बाद अपनी पुरानी विरासत वाली इस सीट पर जीत दर्ज किया. बताया जाता है कि सन 1952 में कांग्रेस से पहले बोकाई मंडल फारबिसगंज विधान सभा के प्रथम विधायक बने थे. जिसके बाद लगातार 1990 तक इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा. सरयू मिश्र फ़ारबिसगंज विधान सभा से लगातार सात बार विधायक रहे व बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रहे. जानकारी अनुसार फारबिसगंज विधान सभा से 1952 में कांग्रेस से बोकाई मंडल 1957 में कांग्रेस से डूमर लाल बैठा, 1957 कांग्रेस से शीतल गुप्ता, 1962 में पीएसपी से सरयू मिश्र, 1967 में कांग्रेस से सरयू मिश्र, 1969 में कांग्रेस से ही सरयू मिश्र, 1972 में भी कांग्रेस से सरयू मिश्र, 1977 में भी कांग्रेस से ही सरयू मिश्र, 1980 में कांग्रेस से ही सरयू मिश्र ने और 1985 में भी कांग्रेस से सरयू मिश्र ने अपनी जीत दर्ज करायी थी. 1990 के बिहार विधान सभा आम चुनाव में भाजपा के मयानंद ठाकुर ने 1995 में भी भाजपा के मायानंद ठाकुर, 2005 फरवरी में भी भाजपा के लक्ष्मीनारायण मेहता ने वर्ष 2005 के अक्तूबर में भी भाजपा के लक्ष्मीनारायण मेहता, वर्ष 2010 में विश्व प्रसिद्ध महान आंचलिक कथाकार स्व फणीश्वरनाथ रेणु के ज्येष्ठ पुत्र पद्म पराग राय वेणु ने भाजपा से वर्ष में 2015 में भाजपा से विद्यासागर उर्फ मंचन केसरी ने व पुनः वर्ष 2020 में भाजपा से विधायक विद्यासागर उर्फ मंचन केसरी ने अपनी जीत दर्ज कर वर्ष 2025 तक इस सीट पर भाजपा की मजबूत पकड़ को बरकरार रखा. लेकिन 2025 के बिहार विधान सभा चुनाव में भाजपा ने पुनः निवर्तमान विधायक विद्यासागर उर्फ मंचन केसरी को पुनः उम्मीदवार बनाया. 2025 के इस चुनाव में भी भाजपा के प्रत्याशी निवर्तमान विधायक विद्यासागर उर्फ मंचन केसरी ने काफी प्रयास किया. काफी नजदीक पहुंच कर बहुत ही कम मत के अंतर से वे इस चुनाव में पराजित हो गए.

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