कुर्साकांटा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर गुरुवार की अहले सुबह एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पुलिस ने घेराबंदी कर एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो से लगभग 330 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है. इस हाई-प्रोफाइल मादक पदार्थ तस्करी के मामले में पुलिस ने मौके से एक शातिर तस्कर को भी दबोचा है, जो कटिहार जिले का रहने वाला बताया जा रहा है.
सिकटी से लोड कर कटिहार जा रही थी खेप, स्टैंड चौक पर दबोचा
कुर्साकांटा थानाध्यक्ष रोहित कुमार को पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि सिकटी सीमावर्ती क्षेत्र की तरफ से गांजे की एक बहुत बड़ी खेप स्कॉर्पियो गाड़ी में लादकर कटिहार भेजने की तैयारी है. सूचना के सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए थानाध्यक्ष के नेतृत्व में कुर्साकांटा स्टैंड चौक के समीप सघन नाकाबंदी (बैरिकेडिंग) की गई.
इसी दौरान सिकटी की दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार सफेद रंग की स्कॉर्पियो एस-11 (पंजीकरण संख्या- BR 11 BT 7637) को पुलिस बल ने घेराबंदी कर रोका. जब वाहन की बारीकी से तलाशी ली गई, तो उसके भीतर छुपाकर रखे गए कई पैकेटों से कुल 330 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ.
स्कॉर्पियो जब्त, कागजी कार्रवाई के बाद एसपी कार्यालय भेजने की तैयारी
थानाध्यक्ष रोहित कुमार ने बताया कि मौके से बरामद गांजे और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो गाड़ी को जब्त कर लिया गया है.
- गिरफ्तार तस्कर: पुलिस ने मौके से वाहन चालक सह तस्कर मो. शमीम को गिरफ्तार किया है, जो कटिहार जिले के फलका का निवासी है.
- अगली कार्रवाई: पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली है. जब्त गांजे और वाहन को अररिया स्थित पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय भेजने की तैयारी की जा रही है.
"गिरफ्तार तस्कर मो. शमीम से कड़ी पूछताछ की जा रही है. प्रारंभिक जांच में सीमांचल और अंतर-जिला तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई बड़े सफेदपोशों और सप्लायरों के नाम सामने आए हैं. जल्द ही इस पूरे रैकेट के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा." — रोहित कुमार, थानाध्यक्ष, कुर्साकांटा
सीमावर्ती क्षेत्र बना तस्करी का सेफ जोन, सोनामनी गोदाम रूट पर उठे सवाल
इस बड़ी बरामदगी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अररिया का सीमावर्ती इलाका अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करों का गढ़ बनता जा रहा है.
- सक्रिय रूट: स्थानीय सूत्रों और पूर्व की कार्रवाइयों के अनुसार, सिकटी थाना क्षेत्र के बौका मजरख, कासत, लेटी, सैदाबाद, डैनिया, बरदाहा और कुआड़ी थाना क्षेत्र के खुटाहरा, गरैया व कुआड़ी मुख्य रूप से गांजा तस्करी के सेफ पैसेज बन चुके हैं.
- सोनामनी गोदाम थाना की भूमिका पर चर्चा: पिछले कुछ महीनों में जहां कुआड़ी, सिकटी और कुर्साकांटा पुलिस ने लगातार छापेमारी कर मादक पदार्थ जब्त किए हैं, वहीं सोनामनी गोदाम थाना क्षेत्र से कोई बड़ी बरामदगी नहीं हुई है. स्थानीय सूत्रों का दावा है कि तस्करों ने अब सोनामनी गोदाम रूट को अपनी 'सबसे सुरक्षित लाइन' के रूप में चुन लिया है, जिससे विभागीय सतर्कता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
लूपहोल का फायदा उठा रहे स्मैक तस्कर
पुलिसिंग के सामने आ रही चुनौतियों को लेकर अधिकारियों का कहना है कि गांजे के बड़े कारोबार के समानांतर सीमांचल में स्मैक (हेरॉइन) का धंधा भी पैर पसार रहा है. कानून के अनुसार, 5 ग्राम से कम स्मैक पकड़े जाने पर तस्करों को तुरंत कोर्ट से जमानत मिल जाती है. इसी कानूनी लूपहोल (कमजोरी) का फायदा उठाकर बड़े सिंडिकेट के गुर्गे छोटे-छोटे पैकेट (पुड़िया) बनाकर युवाओं तक नशा पहुंचा रहे हैं, जिससे मुख्य सरगना तक पहुंचना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. फिलहाल इस 330 किलो गांजे की खेप पकड़े जाने के बाद अररिया एसपी जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे नेटवर्क का आधिकारिक खुलासा कर सकते हैं.
