भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से जोगबनी त्रस्त, ग्रामीण फीडर से जुड़े होने के कारण बार-बार आ रहा फॉल्ट

Power Cut: अररिया जिले के जोगबनी नगर परिषद क्षेत्र में आसमान से बरसती आग के बीच बिजली विभाग की लचर व्यवस्था ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. शहर के रूट को ग्रामीण फीडर से जोड़े जाने के कारण मामूली हवा चलते ही घंटों के लिए बिजली ठप हो जाती है, जिससे कई वार्डों की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है.

जोगबनी (अररिया) से सुदीप भारती की रिपोर्ट

Power Cut: एक तरफ जहां देश और राज्य के साथ-साथ सीमांचल का पारा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है, वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग की घोर लापरवाही और उदासीनता ने जोगबनी नगर परिषद क्षेत्र के उपभोक्ताओं को त्राहि-त्राहि करने पर मजबूर कर दिया है. दिन हो या रात, अघोषित बिजली कटौती (पावर कट) और बार-बार आने वाले तकनीकी फॉल्ट ने स्थानीय नागरिकों की रातों की नींद छीन ली है. स्थिति यह है कि हल्की सी हवा या बूंदाबांदी होते ही पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो जाती है, जिसके बाद आपूर्ति बहाल होने में घंटों का समय लग जाता है.

इन वार्डों और इलाकों में गहराया सबसे गंभीर संकट

बिजली की इस आंख-मिचौली से प्रभावित मुख्य क्षेत्रों और इसकी जमीनी हकीकत का विवरण निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से सामने आया है:

  • प्रभावित मुख्य इलाके: बिजली के इस गंभीर संकट से जोगबनी नगर मुख्य क्षेत्र, मीरगंज (वार्ड संख्या 23), अमौना (वार्ड संख्या 20, 21 व 22) तथा माहेश्वरी (वार्ड संख्या 18) सहित पूरा सीमावर्ती इलाका सबसे अधिक प्रभावित है.
  • जर्जर बुनियादी ढांचा: क्षेत्र के कई हिस्सों में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ रही हैं. कई जगहों पर हाईटेंशन (HT) बिजली के तार फूटे हुए इंसुलेटरों के सहारे लटक रहे हैं, जिससे न केवल आपूर्ति बाधित होती है बल्कि हर वक्त बड़े हादसे का खतरा भी मंडराता रहता है.

मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ शटडाउन, दावे निकले खोखले: राकेश राणा

जनप्रतिनिधि का फूटा गुस्सा: वार्ड पार्षद प्रतिनिधि राकेश राणा ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग हर कुछ दिनों पर मेंटेनेंस और जर्जर तार बदलने के नाम पर घंटों का ‘ऑफिशियल शटडाउन’ लेता है. उस वक्त दावा किया जाता है कि ग्रिड और ट्रांसफार्मर का सुदृढ़ीकरण कार्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन धरातल पर परिणाम शून्य है. गर्मी शुरू होते ही विभाग के इन खोखले दावों की पूरी पोल खुल चुकी है.

सबसे बड़ी तकनीकी गड़बड़ी: ग्रामीण फीडर से जोड़ दिया पूरा शहर

लंबा रूट बना मुसीबत की जड़:

उपभोक्ताओं और बिजली मामलों के जानकारों के अनुसार, जोगबनी नगर क्षेत्र में इस त्राहिमाम का सबसे बड़ा कारण विभाग का एक गलत तकनीकी फैसला है. विभाग ने जोगबनी नगर परिषद जैसे घने शहरी क्षेत्र के फीडर को सुदूर ग्रामीण इलाकों के फीडर से संबद्ध कर एक बेहद लंबा और पेचीदा रूट बना दिया है. इसका नुकसान यह होता है कि यदि किसी ग्रामीण इलाके या खेत की तरफ कोई छोटा सा फॉल्ट, पेड़ की डाली गिरना या फ्यूज उड़ने की घटना होती है, तो सुरक्षा के लिहाज से पूरे जोगबनी शहर की बिजली स्वतः गुल कर दी जाती है. आंधी-बारिश में यह स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो जाती है.

पंखे-कूलर ठप, पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से आक्रोश

जनता की प्रमुख मांगें:

भीषण गर्मी में घंटों बिजली गायब रहने से बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग बेहाल हैं. लगातार पावर कट के कारण घरों में लगे वाटर मोटर (पंप) नहीं चल पा रहे हैं, जिससे नगर परिषद क्षेत्र में पेयजल (पीने के पानी) का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. इस दुर्व्यवस्था से तंग आकर स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:

  1. फीडर का अलगाव: जोगबनी नगर परिषद क्षेत्र के फीडर को ग्रामीण इलाकों के फीडर से तत्काल अलग कर स्वतंत्र रूट बनाया जाए.
  2. फॉल्ट का स्थायी समाधान: जर्जर तारों, फूटे इंसुलेटरों और कमजोर ट्रांसफार्मर को अविलंब बदलकर फॉल्ट की समस्या को हमेशा के लिए खत्म किया जाए.
  3. 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति: भीषण लू और गर्मी के प्रकोप को देखते हुए शहरी क्षेत्र में चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली की सप्लाई सुनिश्चित की जाए.

स्थानीय उपभोक्ताओं ने विभाग को दोटूक चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों के भीतर बिजली आपूर्ति में गुणात्मक सुधार नहीं हुआ और फीडर अलग करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पूरे जोगबनी नगर के लोग सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने को बाध्य होंगे.

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लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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