बाल विवाह, नशा, तस्करी व बाल श्रम के बहिष्कारका लिया संकल्प

जोगबनी में बाल विवाह, नशा, तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया गया। अररिया को बाल विवाह मुक्त बनाने का लिया गया संकल्प।

जोगबनी (अररिया). अररिया जिले के नगर परिषद क्षेत्र जोगबनी में विभिन्न स्थानों पर बाल विवाह मुक्त भारत, नशामुक्त भारत, मानव तस्करी मुक्त, बाल श्रम मुक्त व बाल यौनशोषण मुक्त को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया. आयोजन जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज व जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में हुआ.

विभिन्न संस्थाओं का सहयोग

इस जागरूकता अभियान को रेल पुलिस जोगबनी, आरपीएफ जोगबनी, जिला पुलिस जोगबनी व एसएसबी एफ कंपनी जोगबनी का भरपूर सहयोग मिला. सुरक्षा बलों के साथ मिलकर टीम ने मंदिरों, विद्यालयों व सार्वजनिक स्थानों पर बैनर-पोस्टर लगाकर लोगों को जागरूक किया.

छात्रों ने संभाली जागरूकता की कमान

जागरण कल्याण भारती की टीम के साथ देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र भी जुड़े. ये छात्र छुट्टी में घर आए हैं और इन्हें किसी मान्यता प्राप्त गैर सरकारी संगठन में 30 दिन का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है. अभियान में चंडीगढ़ पंजाब के प्रशांत कुमार, आदर्श जायसवाल व नोएडा के आदित्य कश्यप ने धर्मगुरुओं, स्कूलों व आम लोगों के बीच जाकर बाल विवाह व अन्य कुप्रथाओं के खिलाफ संदेश दिया.

उद्देश्य और कानून की जानकारी

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ समाज को जागरूक करना व इससे प्रभावित बच्चों/सरवाइवर्स को मुख्यधारा से जोड़ना है.स्थानीय जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों ने मिलकर अररिया को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने का संकल्प लिया. वही इस अवसर पर जानकारी दी गई कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत शादी के लिए लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष व लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है. उल्लंघन पर कड़ी सजा का प्रावधान है.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

सुदीप भारती प्रिंट माध्यम में 12 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सिकटी (अररिया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >