मानव जीवन ईश्वर की अनुपम देन: रजयानंद

जिंदगी को भक्ति, सेवा व परोपकार में लगाना चाहिए

भरगामा. परमात्मा समर्थवान है. परमात्मा कि भक्ति करनी चाहिए. जिसने परमात्मा का साक्षात्कार कर लिया वहीं संत समर्थवान है. उक्त प्रवचन कुप्पाघाट भागलपुर के संत स्वामी रजयानंद जी महाराज ने कुशमोल में आयोजित दो दिवसीय संतमत सत्संग में बुधवार को कही. उन्होंने कहा कि सर्व सामर्थवान परमात्मा का भक्ति करने वाले जीव धन्य है. उन्होंने कहा कि भक्ति कि चाहत के आगे किसी प्रकार कि चाहत नहीं होती है. कुशमोल में आयोजित सत्संग में उपस्थित संत महात्माओं का पैक्स अध्यक्ष पंकज यादव के नेतृत्व में माला पहनाकर व श्री सद्गुरु महाराज के जयघोष के साथ स्वागत किया. स्वामी गुरुप्रसाद बाबा ने अपने प्रवचन में कहा कि मानव जीवन ईश्वर की अनुपम देन है. संतमत का मूल उद्देश्य मानव को सत्य, प्रेम व करुणा के मार्ग पर चलाना है. जब तक मनुष्य अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त नहीं करेगा, तब तक सच्ची शांति की प्राप्ति संभव नहीं है. स्वामी रमेश बाबा ने कहा कि गुरु के बताए मार्ग पर चलने से ही जीवन सफल होता है. उन्होंने कहा कि आज के भौतिक युग में मनुष्य भटकाव का शिकार हो रहा है. मौके पर जिप सदस्य किरण देवी, पूर्व जयनगर मुखिया संदेव मेहता, डीलर संघ अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह,सुभाष यादव, दयानंद यादव, रुद्र आनंद यादव, भूपेंद्र यादव, पैक्स अध्यक्ष पंकज यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया.

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Published by: Mrigendra mani singh

मृगेंद्रमणि सिंह प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. प्रभात खबर के अररिया कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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