भरगामा. जयनगर पंचायत के जेबीसी नहर के किनारे प्रस्तावित विद्युत उपकेंद्र निर्माण को लेकर बुधवार को निर्माण स्थल पर पहुंचे निर्माण एजेंसी से जुड़े कर्मियों व अन्य लोगों को उस जमीन पर खेती-बाड़ी कर रहे किसानों ने रोक दिया. इस दौरान आक्रोशित किसानों ने प्रदर्शन करते हुए संवेदक , बिजली विभाग व भरगामा आंचल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. बताया जा रहा है कि बुधवार को जयनगर में प्रस्तावित विद्युत उप केंद्र निर्माण को लेकर जमीन को देखने व निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर निर्माण से जुड़े संवेदक व अन्य लोग भरगामा अंचल से एनओसी प्राप्त स्थल पर पहुंचे थे. जैसे ही वह लोग वहा पहुंचे उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी. उक्त जमीन पर वर्षों से खेती-बाड़ी कर रहे किसानों ने कार्य शुरु होने से पहले ही उन्हें रोग दिया. वहीं पर प्रदर्शन करने लगे. इससे कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी. हालांकि किसानों का प्रदर्शन देख सभी लोग वहां से वापस लौट गए. प्रदर्शनकारियों में संतोष रजक, ओम प्रकाश रजक पिता मोतीलाल रजक, शोभाकांत कुमार पिता महेंद्र रजक व अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जेबीसी नहर किनारे स्थित उक्त जमीन पर वे लोग बरसों से खेती कर रहे हैं. उनकी बंदोबस्त भूमि पर बिना आपत्ति का निबटारा किये बगैर निर्माण की प्रक्रिया शुरु की जा रही है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जयनगर मौजा की यह जमीन का बंदोबस्त संख्या 905, वर्ष 1970-71 के अंतर्गत उनके दादा स्व महावीर बैठा पिता महाबीर बैठा के नाम स्वीकृत हुआ था. बंदोबस्ती के बाद से उक्त भूमि उनके परिवार के नियंत्रण में रही व जीविकोपार्जन के लिए उस पर खेती कर रहे हैं. दादा के निधन के बाद पिता व फिर पिता के निधन के पश्चात वंशानुगत क्रम में वे लोग उक्त भूमि पर शांतिपूर्ण रूप से दखल में हैं. बावजूद इसके उनके उनकी भूमि में विद्युत उपकेंद्र के लिए चिह्नित कर दिया गया है. हीं सीओ निरंजन कुमार मिश्र ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है. जांच कर सीमांकन कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि जिस जगह जिस जमीन में विद्युत उपकेंद्र बनना है. प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया.
जयनगर में प्रस्तावित विद्युत उपकेंद्र निर्माण का विरोध, किसानों ने रोका काम
निर्माण एजेंसी को लौटना पड़ा, सीमांकन की मांग तेज
