अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड में दशकों से अपने आशियाने की बाट जोह रहे भूमिहीन और महादलित परिवारों के सपनों पर बिचौलियों ने ग्रहण लगा दिया है. राज्य सरकार द्वारा गरीबों को मुफ्त में जमीन उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी 'बासगीत पर्चा' अभियान को स्थानीय दलालों ने अवैध वसूली का धंधा बना लिया है.
प्रखंड क्षेत्र में चिन्हित करीब 400 भूमिहीन परिवारों के बीच वितरित होने वाले बासगीत पर्चे के बदले बिचौलिए खुलेआम अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व कर्मियों के नाम पर 25 हजार से 30 हजार रुपये प्रति लाभार्थी तक वसूल रहे हैं.
दशकों से बेघर महादलितों पर बिचौलियों का डाका
राज्य सरकार के निर्देश पर कुर्साकांटा अंचल कार्यालय द्वारा विभिन्न पंचायतों में वर्षों से बिना जमीन के गुजर-बसर कर रहे दलित, महादलित, अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के परिवारों का सर्वे कर सूची बनाई गई है:
- मुफ्त योजना पर वसूली का जाल: सरकार का सख्त निर्देश है कि पात्र भूमिहीन परिवारों को बिना किसी खर्च के युद्ध स्तर पर जमीन का बासगीत पर्चा देकर बसाया जाए.
- सूची लीक कर दलाली: अंचल कार्यालय से लाभार्थियों की प्रस्तावित सूची हाथ लगते ही ग्रामीण इलाकों में सक्रिय दलाल सक्रिय हो गए. वे गरीब परिवारों को डरा रहे हैं कि पैसे नहीं दिए तो उनका नाम सूची से काट दिया जाएगा.
पूर्व प्रमुख के दरबार में पहुंचे पीड़ित, फूटा आक्रोश
पैसों की मांग से तंग आकर कई गरीब परिवारों ने पूर्व प्रमुख सह प्रमुख प्रतिनिधि सुशील कुमार सिंह के पास पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाई:
- गरीबों का दर्द: पीड़ितों का कहना था कि मजदूरी कर दो वक्त की रोटी जुटाने वाले परिवारों से 25 से 30 हजार रुपये की मोटी रकम मांगी जा रही है.
- प्रमुख प्रतिनिधि का कड़ा रुख: शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सुशील कुमार सिंह ने कहा कि गरीबों के हक पर डाका किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा. उन्होंने घोषणा की कि इस मुद्दे पर तत्काल पंचायत समिति की बैठक बुलाई जाएगी और जिलाधिकारी सहित वरीय अधिकारियों से मिलकर मामले की उच्चस्तरीय जांच व बिचौलियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी.
सीओ आलोक कुमार की दो टूक: दोषी पाए जाने पर होगी सीधी FIR
अवैध वसूली के आरोपों पर अंचलाधिकारी (CO) कुर्साकांटा आलोक कुमार ने स्थिति स्पष्ट की:
- पारदर्शी प्रक्रिया: प्रखंड में पात्र लाभार्थियों की सूची सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता से तैयार की जा रही है, ताकि वास्तविक भूमिहीनों को उनका हक मिले.
- कड़ी चेतावनी: सीओ ने स्पष्ट कहा कि बासगीत पर्चा पूरी तरह निःशुल्क है. यदि किसी भी बिचौलिए या कर्मी द्वारा अवैध वसूली की जा रही है, तो पीड़ित सीधे उनसे शिकायत करें. मामले की त्वरित जांच कर संलिप्त दोषियों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जेल भेजा जाएगा.
कुर्साकांटा अंचल कार्यालय में बिचौलियों के हावी होने की चर्चा से क्षेत्र का माहौल गरमा गया है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर पारदर्शी जांच कर दलालों की नकेल नहीं कसी गई, तो मुख्यमंत्री के 'भूमिहीन मुक्त बिहार' के संकल्प को स्थानीय स्तर पर पलीता लग जाएगा.