अररिया. जिला मुख्यालय में गणेश महोत्सव को लेकर विभिन्न पूजा समितियों की ओर से पंडालों में भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापित कर 11 दिवसीय पूजा-अर्चना की जा रही है. महोत्सव के आठवें दिन सोमवार को चित्रगुप्त नगर वार्ड संख्या 21 स्थित पूजा पंडाल में विधि-विधान के साथ भगवान श्रीगणेश की महाआरती की गयी. मां खड्गेश्वरी काली मंदिर के साधक नानू बाबा ने महाआरती संपन्न करायी. इस दौरान पंडाल परिसर गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंज उठा.
महाआरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
सुबह से ही गणेश पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गयी. चित्रगुप्त नगर स्थित पंडाल को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया है, जो लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. महाआरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान श्रीगणेश की पूजा-अर्चना की.
महाभोग अर्पित कर श्रद्धालुओं में भक्ति का माहौल
महाआरती के बाद नानू बाबा ने भगवान श्रीगणेश को महाभोग अर्पित किया. पूजा कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा. समिति की ओर से महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं.
बच्चों के लिए भी आयोजित हो रहे कार्यक्रम
चित्रगुप्त नगर गणेश पूजा समिति की ओर से छोटे-छोटे बच्चों के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
नानू बाबा ने बताया भगवान गणेश का धार्मिक महत्व
महाआरती के बाद नानू बाबा ने भगवान श्रीगणेश के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि भगवान गणेश को गणपति और विनायक के नाम से भी जाना जाता है. वे भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र तथा भगवान कार्तिकेय के भ्राता हैं.
उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश की पूजा बुद्धि, समृद्धि और शुभता से जुड़ी हुई है. गणेश जी को विघ्नहर्ता माना जाता है और किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा करने की परंपरा है.
गणेश चतुर्थी प्रमुख त्योहार
नानू बाबा ने बताया कि भगवान गणेश की पूजा का प्रमुख त्योहार गणेश चतुर्थी है, जो प्रत्येक वर्ष अगस्त या सितंबर में मनाया जाता है. इसके अलावा कई श्रद्धालु प्रत्येक महीने की चतुर्थी तिथि को भी भगवान गणेश की पूजा करते हैं. उन्होंने कहा कि बुधवार को भगवान गणेश की पूजा और आरती करने की भी धार्मिक परंपरा है. मान्यता के अनुसार इससे घर में सुख, सौभाग्य और समृद्धि की कामना की जाती है.
समिति के कार्यकर्ता रहे सक्रिय
पूजा और महाआरती के आयोजन में गणेश पूजा समिति के दर्जनों कार्यकर्ता सक्रिय रूप से मौजूद रहे. समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग किया.
