रंजन यादव हत्याकांड में चार गिरफ्तार, हथियार खोजने में जुटी पुलिस

रानीगंज थानान्तर्गत बेलसरा गांव में रंजन कुमार सिंह उर्फ रंजन यादव की गोलीमार हुई हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार नामजद को गिरफ्तार किया है.

उद्भेदन. जमीन विवाद को लेकर आपसी रंजिश में रंजन यादव को मारी थी गोली, सात माह पूर्व में भी मारी थी गोली अररिया. रानीगंज थानान्तर्गत बेलसरा गांव में रंजन कुमार सिंह उर्फ रंजन यादव की गोलीमार हुई हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार नामजद को गिरफ्तार किया है. हालांकि, घटना में प्रयुक्त हथियार व बाइक की अब तक बरामदगी नहीं कर पायी है. मंगलवार को एसडीपीओ सुशील कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि सोमवार को रानीगंज के बेलसरा में जमीन विवाद को लेकर आपसी रंजिश में रंजन कुमार सिंह उर्फ रंजन यादव की गोलीमार हत्या कर दी गयी थी. घटना की सूचना मिलते हीं घटनास्थल को संरक्षित करते हुए एफएसएल की टीम द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन किया गया है. बताया कि मृतक की पत्नी ललिता देवी के फर्दब्यान पर रानीगंज थाना में कांड दर्ज किया गया. इसमें छह लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. घटना की गंभीरता को देखते हुए रानीगंज थानाध्यक्ष व डीआइयू टीम के साथ एक छापेमारी टीम का गठन किया गया. गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित जयप्रकाश यादव, रूपेश यादव, दबेस कुमार व निरोधा देवी को गिरफ्तार किया. एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध पूर्व से आपराधिक इतिहास भी रहा है. फरार अभियुक्तों के गिरफ्तारी के लिये छापेमारी की जा रही है, जल्द हीं उसे गिरफ्तार कर लिया जायेगा. छापेमारी टीम में डीआइयू टीम के साथ रानीगंज थानाध्यक्ष, पुअनि सरोज कुमारी वर्मा, पुअनि राजु कुमार, सअनि रवि प्रकाश द्विवेदी, सअनि गौरीशंकर यादव सहित अन्य पुलिस बल शामिल थे. होमगार्ड जवान भी हुआ गिरफ्तार गोलीमार हुई हत्याकांड में पुलिस ने घटना में शामिल होमगार्ड जवान जयप्रकाश यादव को भरगामा थानांतर्गत एक गांव से गिरफ्तार किया है. सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त में से एक होमगार्ड जवान जयप्रकाश यादव को भी गिरफ्तार किया. गिरफ्तार अभियुक्त घटना को अंजाम देकर वहां से फरार हो गये थे, तकनीकी अनुसंधान कर फरार होमगार्ड जवान की भरगामा क्षेत्र से गिरफ्तारी की गयी है. इससे पूर्व भी मृतक की हत्या का प्रयास किया गया है. — रानीगंज पुलिस पहले होती सजग, तो बच सकती थी रंजन की जान अररिया. रानीगंज थाना पुलिस ने 24 घंटे के अंदर हत्याकांड का खुलासा कर चार नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर अपनी पीठ-थपथपा रही है. यदि रानीगंज पुलिस पहले ही सतर्क रहती, तो शायद रंजन यादव की गोली मार हत्या नहीं होती. यह बातें हम नहीं, बल्कि बेलसरा के ग्रामीण दबे जुबान से कह रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि मृतक रंजन कुमार सिंह उर्फ रंजन यादव व गिरफ्तार अभियुक्त जयप्रकाश यादव के बीच कई वर्षो से जमीन विवाद चल रहा है. इसे लेकर 26 मई को एक पक्ष के लोगों ने रंजन कुमार सिंह उर्फ रंजन यादव को गोलीमार जख्मी कर दिया था, उस वक्त गोली रंजन यादव के आंख के समीप लगी थी. इस संदर्भ में रंजन यादव की पत्नी ललिता देवी ने पांच नामजद को अभियुक्त बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी है, लेकिन सात माह बीतने के बाद 15 दिसंबर को गोली मार कर रंजन यादव की हत्या कर दी गयी. हालांकि, पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

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