अररिया : अररिया प्रखंड की बोची पंचायत के वार्ड-5 स्थित ईदगाह के समीप उपस्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था इन दिनों ग्रामीणों के आक्रोश का कारण बनी हुई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि केंद्र में चिकित्सक के आने-जाने का कोई निर्धारित समय नहीं है. कई-कई दिनों तक मुख्य द्वार पर ताला लटका रहता है. इससे आसपास के गरीब और जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
केंद्र खुलने का समय तक नहीं किया गया प्रदर्शित
ग्रामीणों के अनुसार उपस्वास्थ्य केंद्र का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को घर के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है. लेकिन नियमित रूप से केंद्र नहीं खुलने के कारण इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र खुलने का कोई स्पष्ट समय भी प्रदर्शित नहीं किया गया है. इससे मरीजों को यह जानकारी नहीं हो पाती कि चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी कब उपलब्ध रहेंगे.
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इलाज की उम्मीद में मरीज केंद्र पहुंचते हैं, लेकिन ताला बंद मिलने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है. गरीब परिवारों के मरीजों को निजी चिकित्सकों के पास इलाज कराने के लिए अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है.
साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी सवाल
स्वास्थ्य केंद्र की साफ-सफाई को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी है. उनका कहना है कि परिसर में नियमित सफाई नहीं होती है. एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है, वहीं स्थानीय स्तर पर केंद्र की यह स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है.
पहले सप्ताह में तीन दिन, अब प्रतिदिन खुलना है केंद्र : प्रभारी
पीएचसी प्रभारी डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि पहले उपस्वास्थ्य केंद्र सप्ताह में तीन दिन संचालित होता था, लेकिन अब इसे प्रतिदिन खोलने का प्रावधान है. उन्होंने कहा कि चिकित्सक की लापरवाही की शिकायत सही पायी गयी तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जायेगी.
लापरवाही बर्दाश्त नहीं : फैसल जावेद यासीन
समाजसेवी एवं जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि फैसल जावेद यासीन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लिए उपस्वास्थ्य केंद्र बेहद महत्वपूर्ण है. चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने अधिकारियों से केंद्र का नियमित संचालन, चिकित्सक की उपस्थिति और साफ-सफाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया.
ग्रामीणों ने मांग की है कि चिकित्सक के आने का समय सार्वजनिक किया जाये और केंद्र का प्रतिदिन नियमित संचालन सुनिश्चित हो. अब देखना है कि विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है.
