नई दिल्ली में "विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस" के अवसर पर 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन' संस्था द्वारा 27 से 30 जुलाई 2026 तक चार दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. "नेशनल कंसल्टेशन ऑन इंश्योरिंग चाइल्ड्स राइट्स, पोटेंशियल एंड प्रॉस्पेरिटी" विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में बिहार की अग्रणी सामाजिक संस्था जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार को बाल अधिकारों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए 10 लाख रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
दिल्ली कार्यशाला में गूंजा बिहार में बाल अधिकारों का मुद्दा
चार दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में देशभर के नीति निर्माता, कानूनी विशेषज्ञ, नागरिक समाज संगठन और बाल अधिकार कार्यकर्ता एकत्र हुए. सम्मेलन में बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके उज्ज्वल भविष्य और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने पर गहन मंथन किया गया.
बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार ने राज्य—विशेषकर ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों—में बाल सुरक्षा की जमीनी स्थिति, चुनौतियों और सफलता की कहानियों को मजबूती से प्रस्तुत किया. उन्होंने संस्था द्वारा बाल श्रम रोकथाम, शिक्षा का अधिकार लागू कराने और बाल तस्करी रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों का विस्तृत ब्योरा साझा किया.
अररिया को बाल-तस्करी व बाल-विवाह मुक्त बनाने के लिए ₹10 लाख का सम्मान
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक और 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन' के संस्थापक भुवन रीभू ने जागरण कल्याण भारती के कार्यों की सराहना की. उन्होंने अररिया जिले को:
- बाल विवाह मुक्त,
- बाल श्रम मुक्त,
- बाल तस्करी मुक्त, एवं
- बाल यौन शोषण मुक्त
बनाने के लिए चलाए जा रहे व्यापक जागरूकता अभियानों को गति देने हेतु संस्था को 10 लाख रुपये का प्रोत्साहन/सम्मान पुरस्कार प्रदान किया.
"यह सम्मान अररिया की जनता और प्रशासन की मेहनत का फल"
सम्मान प्राप्त करने के बाद संजय कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि अररिया जिला प्रशासन, स्थानीय पत्रकारों, जागरूक नागरिकों और जागरण कल्याण भारती की पूरी टीम के अथक परिश्रम व समर्पण का परिणाम है. उन्होंने विश्वास जताया कि इस सहयोग से जिले में बाल अधिकारों की रक्षा के अभियान को और मजबूती मिलेगी.
