अररिया पुलिस की बड़ी कामयाबी, मोबाइल लूटकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

अररिया पुलिस ने नोएडा-गुवाहाटी मोबाइल लूटकांड के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया। 2 करोड़ के मोबाइल और नकदी बरामद, अंतरराज्यीय गैंग का हुआ बड़ा खुलासा।

अररिया. नोएडा से गुवाहाटी जा रहे कंटेनर से करोड़ों रुपये के मोबाइल गायब करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ अररिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने मामले के मास्टरमाइंड को हरियाणा के नूंह जिले से गिरफ्तार किया है. उसके कब्जे से करीब दो करोड़ रुपये मूल्य के 620 मोबाइल, 6.97 लाख रुपये नकद, दो वाहन तथा कंपनी के कई मूल दस्तावेज बरामद किए गए हैं.

हरियाणा के नूंह से दबोचा गया मास्टरमाइंड

सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के नूंह थाना क्षेत्र निवासी नईम, पिता अख्तर हुसैन के रूप में हुई है. आरोपी फरीदाबाद में पांच हजार रुपये का इनामी अपराधी है. आंध्र प्रदेश के कनोल थाना क्षेत्र में भी इसी तरह के मामले में वह आरोपी रह चुका है और फिलहाल बेल पर बाहर था. उसके घर से बरामद स्कॉर्पियो से कंपनी के कई मूल दस्तावेज भी मिले हैं.

नोएडा से गुवाहाटी जा रहे कंटेनर से गायब हुए थे 612 बॉक्स

एसडीपीओ ने बताया कि 7-8 जून की रात नोएडा से रियलमी, ओप्पो और वनप्लस कंपनी के मोबाइल व पार्ट्स लेकर गुवाहाटी जा रहा कंटेनर अररिया के जीरो माइल स्थित एचपी पेट्रोल पंप के पास लावारिस हालत में मिला था. जांच में 1143 बॉक्स में से 612 बॉक्स गायब पाए गए. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह ने गोरखपुर-लखनऊ के बीच दो टोल प्लाजा के पास कंटेनर रोककर मोबाइलों से भरे बॉक्स निकाल लिए और बाद में ट्रक को अररिया लाकर छोड़ दिया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके.

अब तक 1437 मोबाइल बरामद

मामले के उद्भेदन के लिए गठित एसआईटी ने पहले हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर नूंह के अनवर उर्फ अनावरूल, दिल्ली के दीपक गुप्ता तथा मथुरा के शाहिल और कामिल उर्फ किम्मी को गिरफ्तार किया था. उस दौरान 817 मोबाइल, एक थार, एक सियाज कार, लैपटॉप और डीवीआर बरामद किए गए थे. नई गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल 1437 मोबाइल बरामद हो चुके हैं. पुलिस के अनुसार जब्त मोबाइलों की कुल बाजार कीमत लगभग छह से सात करोड़ रुपये आंकी गई है.

मेवात में खपाए जा रहे थे चोरी के मोबाइल

एसडीपीओ ने बताया कि आरोपी नईम ने मेवात में दूसरे कंटेनर में मोबाइल लोड कराकर उन्हें बेचने का नेटवर्क तैयार किया था. पुलिस के अनुसार मेवात साइबर फ्रॉड का बड़ा केंद्र बन चुका है और इन मोबाइलों का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जा सकता था. गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, गुरुग्राम, हरियाणा और राजस्थान के अलवर-जयपुर तक फैला हुआ है.

ग्राहक बनकर एसआईटी ने किया था खुलासा

एसडीपीओ ने बताया कि एसआईटी के अधिकारियों ने पहले ग्राहक बनकर नूंह और पलवल पहुंचकर सस्ते दाम पर मोबाइल खरीदने की बात की. इसी दौरान गिरोह के सदस्यों तक पुलिस पहुंची और पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ. फिलहाल गिरफ्तार आरोपी नईम को ट्रांजिट रिमांड पर अररिया लाकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है.

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लेखक के बारे में

राहुल सिंह प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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