Araria News: अररिया से राहुल सिंह की रिपोर्ट. बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज के चर्चित होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ जयंत कुमार पाल को लंदन में अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिलने से पूरे जिले में खुशी की लहर है. चौथे वर्ल्ड होम्योपैथी समिट 2026 में उन्हें इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान Sir Alastair Cook और दिग्गज क्रिकेटर David Gower ने सम्मानित किया. यह प्रतिष्ठित आयोजन लंदन के ऐतिहासिक Palace of Westminster में आयोजित हुआ.
वर्ल्ड होम्योपैथिक में मिला बड़ा सम्मान
फारबिसगंज के वार्ड संख्या 14 स्थित कृष्णापुरी कॉलोनी निवासी डॉ जयंत कुमार पाल को होम्योपैथी चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के दौरान सर एलेस्टर कुक ने कहा कि डॉ पाल होम्योपैथी आंदोलन को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं. वहीं डेविड गावर ने उनके प्रयासों को मानवता की सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण बताया.
चार दशक से कर रहे हैं लोगों की सेवा
डॉ पाल पिछले करीब 40 वर्षों से होम्योपैथी चिकित्सा के जरिए लोगों की सेवा कर रहे हैं. उन्होंने 1980 के दशक में सीमित संसाधनों के साथ अपना क्लिनिक शुरू किया था. आज भी वे मरीजों की सेवा में सक्रिय हैं. उनका मानना है कि होम्योपैथी केवल मीठी गोलियों की चिकित्सा नहीं, बल्कि वैज्ञानिक आधार पर विकसित प्रभावी चिकित्सा पद्धति है.
पिता से मिली प्रेरणा, सेवा को बनाया मिशन
मूल रूप से रानीगंज निवासी डॉ पाल को इस क्षेत्र में आने की प्रेरणा उनके पिता स्वर्गीय मुरारी मोहन पाल से मिली. उनके पिता मेडिकल शॉप चलाते थे, जहां से उन्होंने चिकित्सा सेवा की बारीकियां सीखीं. बाद में उन्होंने होम्योपैथी को अपना मिशन बना लिया.
डॉ पाल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिलने के बाद फारबिसगंज और पूरे अररिया जिले में गर्व का माहौल है. सांसद प्रदीप कुमार सिंह, विधायक मनोज विश्वास और उप मुख्य पार्षद नूतन भारती समेत कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई दी है.
जिले के युवाओं के लिए बने प्रेरणा
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाना जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है. डॉ पाल की उपलब्धि ने फारबिसगंज का नाम देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी रोशन किया है.
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