अररिया से मृगेंद्र मणि सिंह की रिपोर्ट.
Araria Mandi: अररिया समेत पूरे सीमांचल में लगातार हो रही बारिश का असर अब खेतों से लेकर बाजार तक साफ दिखाई देने लगा है. एक ओर मक्का उत्पादक किसान दाम गिरने से परेशान हैं, तो दूसरी ओर सब्जी और फलों की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है. बारिश के कारण जहां मक्का की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, वहीं सब्जियों और फलों की आवक कम होने से बाजार में महंगाई बढ़ गई है.
मक्का किसानों पर दोहरी मार
सीमांचल को बिहार का प्रमुख मक्का उत्पादक क्षेत्र माना जाता है. इस बार मौसम की बेरुखी ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. लगातार बारिश के कारण खेतों में तैयार मक्का भीग गई है. कई जगहों पर दानों में नमी बढ़ने के साथ फफूंद लगने की शिकायत भी सामने आ रही है.
व्यापारी गुणवत्ता खराब होने और नमी अधिक होने का हवाला देकर कम कीमत दे रहे हैं. पिछले वर्ष जहां मक्का का भाव 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था, वहीं इस बार कई किसानों को 1700 रुपये प्रति क्विंटल तक मक्का बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. जबकि किसानों का कहना है कि उनकी लागत ही करीब 2000 रुपये प्रति क्विंटल बैठ रही है.
अररिया मंडी में फिलहाल मक्का 2060 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रहा है. व्यापारियों के अनुसार रेलवे रैक की कमी के कारण मक्का समय पर दूसरे राज्यों के पोल्ट्री और इथेनॉल उद्योगों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है.
बारिश ने सब्जियों की आपूर्ति घटाई
बारिश और जलजमाव का असर सब्जी उत्पादन पर भी पड़ा है. टमाटर, भिंडी, नेनुआ, करेला और अन्य हरी सब्जियों की फसल कई इलाकों में प्रभावित हुई है. खेतों में पानी भर जाने से फसलें सड़ रही हैं, जिससे बाजार में आपूर्ति घट गई है.
आपूर्ति कम होने का सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है. कई सब्जियों के दाम पिछले कुछ दिनों में 20 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं. टमाटर 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि धनिया 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. परवल 40 से 50 रुपये, भिंडी 30 से 40 रुपये, बैंगन 20 से 40 रुपये और फूलगोभी 80 से 100 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रही है.
फलों की कीमतों में भी उछाल
बारिश का असर फलों के बाजार पर भी दिखाई दे रहा है. सीमांचल और उत्तर बिहार के कई बाजारों में सेब, अनार और अन्य फलों की आवक प्रभावित हुई है. व्यापारियों का कहना है कि परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने से शुरुआती दिनों में बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति बन गई, जिसके कारण दाम बढ़ गए.
किसान और उपभोक्ता दोनों संकट में
मौजूदा हालात में किसान और उपभोक्ता दोनों परेशान हैं. किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, जबकि उपभोक्ताओं को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है. किसानों ने सरकार से फसल क्षति का सर्वे कराने और मुआवजा देने की मांग की है.
व्यापारियों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहा तो सब्जियों और फलों के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं मक्का बाजार में भी दबाव बना रहने की आशंका है.
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