अररिया. जिले के इतिहास, भूगोल, संस्कृति, सामाजिक व आर्थिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को समाहित करने वाले जिला गजेटियर के अंतिम प्रकाशन की दिशा में प्रशासनिक प्रयास तेज हो गया है. शुक्रवार को समाहरणालय स्थित परमान सभागार में जिलाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय गजेटियर प्रारूप प्रकाशन समिति की बैठक आयोजित हुई. बैठक में तैयार पांडुलिपि की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक संशोधन व अद्यतन तथ्यों को शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया.
इन्स्टीट्यूट फॉर ह्यूमन डेवलपमेंट, नई दिल्ली ने गजेटियर के प्रारूप व प्रकाशन का दिया प्रेजेंटेशन
बैठक में इन्स्टीट्यूट फॉर ह्यूमन डेवलपमेंट, नई दिल्ली की टीम ने जिला गजेटियर के प्रारूप व प्रकाशन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया. प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पांडुलिपि की संरचना, विषयवस्तु व दस्तावेज को अधिक उपयोगी व प्रमाणिक बनाने के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गयी. समीक्षा के दौरान जिला गजेटियर की तैयार पांडुलिपियों का बिंदुवार परीक्षण किया गया. इसमें आवश्यक संशोधन, अद्यतन आंकड़ों के समावेशन व विषयवस्तु को अधिक तथ्यपरक व प्रमाणिक बनाने के संबंध में विस्तार से विचार-विमर्श हुआ. समिति के सदस्यों से भी सुझाव, संक्षिप्त टिप्पणियां व आवश्यक मंतव्य प्राप्त किये ताकि अंतिम प्रकाशन से पूर्व सभी आवश्यक सुधार सुनिश्चित किया जा सके.
कार्यों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराएं
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने संबंधित पदाधिकारियों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक संशोधन पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जिला गजेटियर ऐसा दस्तावेज है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिये जिले का आधिकारिक संदर्भ ग्रंथ बनेगा. इसलिए इसमें शामिल प्रत्येक तथ्य अद्यतन, प्रमाणिक व विश्वसनीय होना चाहिये. बैठक में इन्स्टीट्यूट फॉर ह्यूमन डेवलपमेंट, नई दिल्ली के अधिकारी, अपर समाहर्ता, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी अररिया सदर, भूमि सुधार उपसमाहर्ता, प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय, जिले के सभी अंचल अधिकारी, कार्यालय अधीक्षक सहित जिला स्तरीय गजेटियर प्रारूप प्रकाशन समिति के सभी सदस्य मौजूद थे.
