सिसौना गैय्यारी में जलसा का आयोजन
चार हाफिजा हुई दस्तारबंदी
अररिया. अररिया प्रखंड के ग़ैय्यरी सिसौना स्थित जामियातुल फलाह लिल बनात सिसौना ग़ैय्यारी में रविवार की रात एक अजीमुश्शान जलसे का आयोजन किया गया. जलसे में इस मदरसा से तालीम हासिल कर बनी चार हाफ़िजा की दस्तारबंदी की गयी. इस कुरान तकमील के मौके पर मदरसा में आयोजित इस दीनी जलसे की सदारत नाजिम व शेखुल हदीश दारुल उलूम रहमानी जीरो माइल अररिया ने की. जबकि जलसा जेरे परस्ती बानी व नाजिम दारुल उलूम रशीदिया जकरिया जकीर चौक के मौलाना नबी हसन के हुई. मौके पर मदरसा के बानी व सदर सिटी हॉस्पिटल अररिया के अलहाज मो इसराइल की निगरानी में जलसा का बखूबी आयोजन हुआ. जलसा में इस मदरसा से तालीम हासिल कर हाफ़िज़ा बनी चार बच्चियों की दस्तारबंदी की गयी जिन्हें कुरान पाक व जाएनमाज तोहफा में दिया गया. हाफिजा बनी बच्चियों में तराना कौसर पिता मौलाना सलमान कौसर दौलतपुर, सरिया कौसर ,फलक नाज पिता फिरोज आलम बागड़हरा, नजमा उमर पिता नूर आलम ग़ैय्यारी शामिल हैं. इस जलसा को मौलाना मदरसा के नाजिम मुफ्ती इसरारूल हक मुजाहिरी, सचिव मुफ्ती गुफरान हैदर हाफिज जुल्फकार अली, मौलाना शाकिर कासमी, मौलाना कारी सादिक नदीम ने अपने-अपने तकरीर में कुरान की अहमियत पर तकरीर पेश की. मौलाना ने कहा कुरान एक ऐसी किताब है जो अल्लाह ने दुनिया के तमाम इंसानों की हिदायत के लिए नाजिल किया. उसे अगर बच्चा याद कर अपने सीने में महफूज कर लेता है तो उसे हाफिज कहा जाता है. मौके पर मदरसा की शिक्षिका फातिमा, उमेरा, सादिया, ताहिरा, साजरीन मौजूद थी.
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