'धोनी के सामने मेरी बोलती बंद हो जाती है...' चहल ने बताया क्यों आज भी माही पर करते हैं आंख मूंदकर भरोसा

लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने बताया कि वे आज भी महेंद्र सिंह धोनी के सामने बोलने में हिचकिचाते हैं. चहल ने धोनी पर आंख मूंदकर भरोसा करने और उनकी सलाह को मानने की बात कही.

Yuzvendra Chahal on MS Dhoni: भारतीय टीम के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लेकर अहम खुलासा किया है. राज शमानी के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान चहल ने बताया कि वह धोनी पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि माही भाई के सामने आज भी वह स्पीचलेस हो जाते हैं.

धोनी के सामने क्यों चुप हो जाते हैं चहल?

पॉडकास्ट में युजवेंद्र चहल ने धोनी के बारे में बात करते हुए कहा कि वह ऐसे शख्स हैं, जिनके सामने उन्हें आज भी कुछ कहने के लिए शब्द नहीं मिलते. चहल के मुताबिक, जब धोनी कुछ कहते हैं तो वह उनकी बात को ध्यान से सुनते हैं. उन्होंने कहा कि गेंदबाज के तौर पर उन्होंने धोनी पर हमेशा ब्लाइंड ट्रस्ट किया. माही भाई ने अगर उन्हें किसी खास जगह गेंद डालने के लिए कहा, तो चहल ने बिना ज्यादा सोचे उसी योजना पर अमल किया.

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'युजी, स्टंप्स पर गेंद डालो...'

चहल ने धोनी के साथ मैदान पर बिताए समय का एक दिलचस्प किस्सा भी बताया. उन्होंने कहा कि कई बार धोनी सिर्फ इतना कहते थे, 'युजी, स्टंप्स पर गेंद डालो'. इसके बाद चहल उसी प्लान पर गेंदबाजी करते थे और कई मौकों पर उसी ओवर या अगले ओवर में उन्हें विकेट भी मिल जाता था. चहल के लिए यह सिर्फ विकेट मिलने की बात नहीं थी. उन्हें भरोसा था कि धोनी विकेट के पीछे से बल्लेबाज और पिच को उनसे बेहतर तरीके से पढ़ रहे हैं.

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धोनी ने चहल की गेंदबाजी को आसान कर दिया

चहल ने बताया कि धोनी ने उनकी गेंदबाजी को करीब 50 प्रतिशत आसान कर दिया था. इसके पीछे एक बड़ी वजह माही की क्रिकेट समझ थी. धोनी बतौर विकेटकीपर बल्लेबाजों की हरकत और उसके शॉट खेलने के तरीके को बेहद करीब से देखते थे. धोनी विकेटकीपर होने के साथ बल्लेबाजी भी कर चुके थे, इसलिए उन्हें पिच के व्यवहार और बल्लेबाज की स्थिति का अंदाजा रहता था. यही समझ चहल के लिए बेहद मददगार साबित होती थी.

चहल मानते थे धोनी की हर बात

चहल की बातों से यह भी साफ होता है कि दोनों के बीच कितना गहरा भरोसा था. जब धोनी कोई सलाह देते थे तो चहल उसके पीछे की वजह पूछने के बजाय उसे मैदान पर लागू करते थे. चहल ने अपने अंदाज में बताया कि अगर माही भाई बोलते हैं तो वह सुनते हैं.

धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन चहल की बातों से साफ है कि उनके व्यक्तित्व का असर आज भी वैसा ही है. चहल ने माना कि एक फैन के तौर पर भी जब वह धोनी के आसपास होते हैं तो शांत हो जाते हैं.

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