Vivek Razdan Birthday: Vivek Razdan Birthday: पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज विवेक राजदान ने भले ही इंटरनेशनल क्रिकेट में सिर्फ 4 मैच खेले, लेकिन कमेंट्री की दुनिया में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई. ‘टूटा है गाबा का घमंड’... जैसी यादगार लाइन ने उन्हें क्रिकेट फैंस के बीच खास पहचान दिलाई. दिलचस्प बात यह है कि राजदान ने सचिन तेंदुलकर के साथ वनडे डेब्यू किया था. आज उनके जन्मदिन पर जानिए उनके क्रिकेट करियर से कमेंट्री के सफर तक की पूरी कहानी.
25 अगस्त को हुआ था राजदान का जन्म
विवेक राजदान का जन्म 25 अगस्त 1969 को नई दिल्ली में हुआ था. बचपन से ही क्रिकेट में दिलचस्पी रखने वाले विवेक ने इसी खेल को अपना करियर बनाने का फैसला किया. घरेलू क्रिकेट में उन्होंने बतौर तेज गेंदबाज अपनी काबिलियत साबित की और जल्द ही भारतीय टीम के दरवाजे तक पहुंच गए. राजदान ने 29 फर्स्ट क्लास मैचों में 67 विकेट हासिल किए. इसके अलावा उन्होंने बल्ले से 700 रन भी बनाए. लिस्ट-ए क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा और 18 मुकाबलों में उन्होंने 14 विकेट अपने नाम किए.
पाकिस्तान के खिलाफ डेब्यू
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद साल 1989 में विवेक राजदान को भारतीय टीम में जगह मिली. उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खेलने का मौका मिला. उस दौर में पाकिस्तान की टीम बेहद मजबूत मानी जाती थी और उसके खिलाफ खेलना किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए बड़ी चुनौती थी. अपने शुरुआती टेस्ट में भले ही राजदान कुछ खास नहीं कर पाए, लेकिन सियालकोट टेस्ट में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 79 रन देकर 5 विकेट हासिल किए. यह उनके छोटे से टेस्ट करियर का सबसे यादगार प्रदर्शन रहा.
सचिन के साथ किया वनडे डेब्यू
विवेक राजदान के करियर से जुड़ी सबसे खास बात यह है कि उन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया था. 18 दिसंबर 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मुकाबले में राजदान को भारत की वनडे टीम में शामिल किया गया. इसी मैच से सचिन तेंदुलकर ने भी वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था. हालांकि, राजदान का वनडे करियर ज्यादा लंबा नहीं चला. उन्होंने भारत के लिए सिर्फ 3 वनडे मैच खेले और इस दौरान 1 विकेट हासिल किया. इसके बाद उन्हें दोबारा भारतीय टीम में जगह नहीं मिली. इस तरह विवेक राजदान का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर 1 टेस्ट और 3 वनडे, यानी कुल 4 मैचों तक ही सीमित रह गया.
सिर्फ 4 इंटरनेशनल मैच के बाद बदली करियर की दिशा
एक क्रिकेटर के तौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबी पारी खेलने का मौका विवेक राजदान को नहीं मिला, लेकिन उन्होंने क्रिकेट से अपना रिश्ता खत्म नहीं किया. संन्यास के बाद उन्होंने कमेंट्री की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे अपनी आवाज और अंदाज से अलग पहचान बना ली. खासकर हिंदी कमेंट्री में उनकी शैली को क्रिकेट फैंस ने काफी पसंद किया.
'टूटा है गाबा का घमंड' ने बना दिया कमेंट्री का स्टार
विवेक राजदान को सबसे ज्यादा लोकप्रियता भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे 2020-21 के दौरान मिली. ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर खेले गए चौथे टेस्ट में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर ऐतिहासिक सीरीज जीत दर्ज की थी. मैच के आखिरी पलों में जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया के अभेद्य माने जाने वाले गाबा के किले को फतह किया, तब विवेक राजदान की कमेंट्री का अंदाज फैंस को खूब पसंद आया.
उनकी आवाज में निकली लाइन 'टूटा है गाबा का घमंड' देखते ही देखते क्रिकेट फैंस के बीच लोकप्रिय हो गई. यह लाइन उस ऐतिहासिक जीत की भावनाओं से इस तरह जुड़ी कि आज भी गाबा टेस्ट का जिक्र होते ही विवेक राजदान की कमेंट्री याद आ जाती है.
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