युवी-भज्जी ने गांगुली के साथ किया ऐसा मजाक, कप्तानी छोड़ने को तैयार हो गए थे दादा

साल 2005 में युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने सौरव गांगुली के साथ एक ऐसा अप्रैल फूल मजाक किया, जिसने कप्तान को कप्तानी छोड़ने तक की बात कह दी. सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के शामिल होने से यह शरारत और भी मजेदार हो गई.

Sourav Ganguly April Fool Prank Story: भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में मस्ती और मजाक के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन साल 2005 में जो हुआ, वह थोड़ा ज्यादा ही भारी पड़ गया था. अप्रैल फूल के दिन युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने ऐसा मजाक किया कि उस समय के मौजूदा कप्तान सौरव गांगुली सच में परेशान हो गए और यहां तक कह दिया कि अगर उन्होंने खिलाड़ियों के खिलाफ वह बयान दिया है तो वह कप्तानी छोड़ देंगे.

मजेदार बात यह थी कि इस पूरे खेल में सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ भी शामिल थे. यानी गांगुली को चारों तरफ से ऐसा लगा कि सच में कुछ बहुत बड़ा हो गया है.

नकली अखबार लेकर पहुंचे युवराज-भज्जी

कोच्चि में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने वाली थी. टीम अभ्यास के लिए ड्रेसिंग रूम में मौजूद थी. इसी दौरान युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने गांगुली को अप्रैल फूल बनाने की योजना बनाई. दोनों ने कुछ ऐसी नकली अखबार की कतरनें तैयार कीं, जो बिल्कुल असली लग रही थी. इन कतरनों में गांगुली के हवाले से टीम के कुछ खिलाड़ियों पर पार्टी करने, गैर-जिम्मेदार होने और लापरवाही बरतने जैसे आरोप लगाए गए थे. युवराज ने गांगुली से कहा कि उन्होंने मीडिया में खिलाड़ियों को लेकर ऐसे बयान दिए हैं.

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हरभजन सिंह ने पीटीआई के एक पॉडकास्ट में इस पुराने किस्से को याद करते हुए बताया कि युवराज ने गांगुली से कहा, “दादा, आपने प्रेस में क्या बयान दिया है?” इसके बाद उन्होंने बताया कि गांगुली ने युवराज को पार्टी करने का शौकीन, हरभजन को बेपरवाह और आशीष नेहरा-जहीर खान को भी पार्टी करने वाला बताया है. गांगुली यह सुनकर हैरान रह गए. उन्होंने पूछा कि उन्होंने ऐसा कब कहा. इसके बाद उन्हें नकली अखबार की कतरनें दिखाई गईं.

सचिन और द्रविड़ ने भी दिया साथ

मजाक को और विश्वसनीय बनाने के लिए सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ को भी इस शरारत में शामिल किया गया था. दोनों ने ऐसा व्यवहार किया जैसे गांगुली ने वाकई ये बातें कही हों. सचिन ने गांगुली से कहा कि अगर उन्होंने ऐसा बयान दिया है तो यह गलत है. राहुल द्रविड़ ने भी उनकी बात का समर्थन किया. दो वरिष्ठ खिलाड़ियों को इस तरह बोलते देख गांगुली और ज्यादा परेशान हो गए.

इसके बाद गांगुली ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर यह साबित हो जाता है कि उन्होंने ऐसा कहा है, तो वह कप्तानी छोड़ देंगे.

खिलाड़ियों ने बैग उठाया तो और घबरा गए गांगुली

शरारत यहीं खत्म नहीं हुई. हरभजन और कुछ अन्य खिलाड़ियों ने अपने किट बैग उठाए और ड्रेसिंग रूम से बाहर जाने का नाटक करने लगे. यह देखकर गांगुली उनके पीछे भागे और उन्हें रोकते हुए कहा कि अगले दिन मैच है, फिर वे लोग कहां जा रहे हैं. हालांकि, ज्यादा देर तक यह ड्रामा नहीं चल सका. किसी खिलाड़ी की हंसी निकल गई और गांगुली को समझ आ गया कि उनके साथ मजाक किया जा रहा है.

हरभजन ने बताया कि बाद में खिलाड़ियों को भी एहसास हुआ कि उन्होंने गांगुली को काफी परेशान कर दिया था. उन्होंने कहा कि कोई दूसरा कप्तान होता तो शायद खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रूम से बाहर जाने के लिए कह देता, लेकिन गांगुली उनके लिए बड़े भाई जैसे थे.

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बाहर इंतजार करते रहे जॉन राइट

इस पूरे ड्रामे से टीम के तत्कालीन कोच जॉन राइट भी अनजान थे. वह मैदान पर फील्डिंग अभ्यास की तैयारी कर रहे थे और खिलाड़ियों का इंतजार कर रहे थे. करीब 15-20 मिनट बीत गए, लेकिन टीम ड्रेसिंग रूम से बाहर नहीं आई. हरभजन के मुताबिक, जॉन राइट सोच रहे थे कि आखिर खिलाड़ी इतनी देर तक अंदर क्यों बैठे हैं. उन्हें पता ही नहीं था कि ड्रेसिंग रूम के अंदर अप्रैल फूल का पूरा ड्रामा चल रहा है.

मजाक के बाद पाकिस्तान के खिलाफ मिली शानदार जीत

इस मजाक के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज के पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया. वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ ने शतक जड़े और भारत ने पाकिस्तान को 87 रन से हराया. सचिन तेंदुलकर ने गेंदबाजी में कमाल करते हुए पांच विकेट हासिल किए. हालांकि, छह मैचों की पूरी सीरीज भारत के लिए निराशाजनक रही. शुरुआती दो मुकाबले जीतने के बावजूद टीम को पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में 2-4 से हार का सामना करना पड़ा.

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