‘स्कूल से लेकर ओलंपिक तक…’, लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा बयान, स्पोर्ट्स पर युवाओं को दिया ये संदेश

PM Narendra Modi on Sports on Independence Day: स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से पीएम मोदी ने कहा कि विकास में खेलों की अहम भूमिका है. उन्होंने खुशी जताई कि आज बच्चे खेल अपनाते हैं तो माता-पिता गर्व महसूस करते हैं, इसे उन्होंने देश के उज्ज्वल भविष्य का शुभ संकेत बताया.

PM Narendra Modi on Sports on Independence Day: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास में खेलों के महत्व पर जोर दिया और खुशी जाहिर की कि आज की पीढ़ी में जब बच्चे खेलों को अपनाते हैं तो उनके माता-पिता गर्व महसूस करते हैं. प्रधानमंत्री ने देश ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा फहराया. लाल किले से बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, “विकास के लिए खेलों का भी महत्व है और मुझे खुशी है कि आज अगर बच्चे खेलों में रुचि लेते हैं तो माता-पिता गर्व महसूस करते हैं. मैं इसे देश के भविष्य के लिए एक बहुत ही शुभ संकेत मानता हूं.”

उन्होंने केंद्र सरकार की खेलों को बढ़ावा देने की कोशिशों का भी जिक्र किया, खासकर खेलो इंडिया नीति का, जिसके तहत कई स्तरों और श्रेणियों में बहु-खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, जैसे कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स, खेलो इंडिया विंटर गेम्स, खेलो इंडिया पैरा गेम्स और इस साल आयोजित हुए पहले खेलो इंडिया बीच गेम्स. पीएम मोदी ने कहा, “खेलों को बढ़ावा देने के लिए हमने कई दशकों बाद देश में खेलो इंडिया नीति लागू की है, ताकि खेल जगत के सर्वांगीण विकास के प्रयास किए जा सकें. स्कूल से लेकर ओलंपिक तक, हम एक सम्पूर्ण इकोसिस्टम विकसित करना चाहते हैं.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि देश के दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों में भी खेलों को प्रोत्साहन मिले, और इसके लिए राष्ट्रीय खेल नीति अहम भूमिका निभाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि अब समय है आगे बढ़ने और अपने निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने का, और अगर सरकारी नीतियों में किसी बदलाव की जरूरत महसूस हो, तो लोग बेझिझक उन्हें सुझाव दें. उन्होंने भरोसा जताया कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में देश के युवाओं की क्षमता और ऊर्जा निर्णायक साबित होगी. पीएम मोदी ने कहा कि हमें अपनी विविधता को अपनाने और उसका उत्सव मनाने की आदत डालनी चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत में भाषाओं का एक विशाल और समृद्ध खजाना है, और हमें हर एक भाषा पर गर्व होना चाहिए.

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय खेल नीति (एनएसपी) 2025 को पिछले महीने मंजूरी दी थी. यह देश के खेल परिदृश्य को नये सिरे से तैयार करने और खेलों के जरिये नागरिकों के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है. नयी नीति ने 2001 की राष्ट्रीय खेल नीति की जगह ली है. यह भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने और 2036 ओलंपिक समेत बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन का मजबूत दावेदार बनाने के लिये रोडमैप तैयार करती है.

ओलंपिक की मेजबानी चाहता है भारत

भारत 2036 समर ओलंपिक की मेजबानी करने की भी महत्वाकांक्षा रखता है, जो देश के खेल महाशक्ति बनने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा. ऐसे में देश भर में आयोजित की जाने वाली विभिन्न प्रतियोगिताएं इसमें सहायक हो सकती हैं. 2014 में शुरू की गई टार्गेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के तहत कई युवा और अनुभवी खिलाड़ी तैयार हुए. 

पेरिस और टोक्यो ओलंपिक में भारत ने जगाई उम्मीद

इसी योजना की वजह से टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, सात पदक (एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य) जीतकर. पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने छह पदक जीते, जिसमें एक रजत और पांच कांस्य पदक शामिल हैं. भारत के पैरा ओलंपिक प्रदर्शन में भी जबरदस्त बदलाव देखने को मिला. टोक्यो पैरा ओलंपिक में 19 पदक (पांच स्वर्ण सहित) जीतकर असली पैरा ओलंपिक क्रांति की शुरुआत हुई. पेरिस में भारतीय दल ने इस प्रदर्शन को और ऊंचाई पर ले जाते हुए 29 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और 13 कांस्य) जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया.

कॉमनवेल्थ गेम्स कराने का मिला प्रस्ताव

हाल ही में, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए भारत के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर खुशी जाहिर की. बुधवार को हुई विशेष आम बैठक (SGM) में यह निर्णय लिया गया. मेजबान शहर को लेकर अभी चर्चा जारी है, लेकिन अहमदाबाद सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरा है. इसके लिए प्रस्ताव 31 अगस्त तक जमा होने हैं और नवंबर में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स मेज़बान शहर पर फैसला करेगा.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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