Highlights
Budget 2026: भारत में पिछले कुछ सालों में खेलों के प्रति नजरिया तेजी से बदला है. आज, 1 फरवरी 2026 को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 2026-27 सत्र का बजट पेश करेंगी. ऐसे में यह देखना दिलचस्प है कि खेल को इस बार कितना बजट मिलता है. क्योंकि अब खेल सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि देश के गौरव और करियर का एक बड़ा माध्यम बन चुके हैं.
केंद्र सरकार ने इस बदलाव को भांपते हुए खेलों के बजट में लगातार बढ़ोतरी की है. साल 2023-24 से लेकर आने वाले 2026-27 के संभावित बजट तक का सफर यह दर्शाता है कि भारत अब दुनिया की ‘खेल महाशक्ति’ (Sporting Superpower) बनने की ओर अग्रसर है. सरकार का लक्ष्य अब केवल मेडल जीतना ही नहीं, बल्कि 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी की तैयारी करना भी है.
खेल बजट में लगातार बढ़त
पिछले तीन सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो खेल बजट में सकारात्मक वृद्धि हुई है. साल 2023-24 में खेल बजट लगभग 3,397 करोड़ था, जो 2025-26 तक आते-आते 3,794 करोड़ के पार पहुंच गया. यह दर्शाता है कि सरकार खेलों के बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों की ट्रेनिंग पर होने वाले खर्च को प्राथमिकता दे रही है. बजट में यह इजाफा टोक्यो ओलंपिक की सफलता और पेरिस ओलंपिक की तैयारियों के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर उभरा है.
खेलो इंडिया अभियान पर विशेष जोर
भारत में नई प्रतिभाओं को खोजने के लिए ‘खेलो इंडिया’ (Khelo India) योजना सबसे महत्वपूर्ण हथियार साबित हुई है. साल 2025-26 के बजट में इसके लिए 1,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है. अनुमान है कि 2026-27 में इसे बढ़ाकर 1,200 करोड़ तक ले जाया जा सकता है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्कूल और कॉलेज स्तर के उन खिलाड़ियों को मौका देना है, जिनके पास प्रतिभा तो है लेकिन संसाधनों की कमी है.
खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और आधुनिक तकनीक
बजट का एक बड़ा हिस्सा नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (NSF) और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को जाता है. 2025-26 में फेडरेशन की मदद राशि बढ़ाकर 400 करोड़ कर दी गई है. आने वाले समय में मुख्य फोकस ‘स्पोर्ट्स साइंस’ और ‘डेटा एनालिटिक्स’ पर होगा. अब खिलाड़ियों को सिर्फ मैदान पर पसीना नहीं बहाना है, बल्कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और आधुनिक मशीनों के जरिए उनकी फिटनेस और तकनीक को सुधारा जाएगा.
2036 ओलंपिक मेजबानी का सपना
भारत ने आधिकारिक तौर पर 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है. आने वाले 2026-27 के बजट में इसका असर साफ दिखेगा. गुजरात के अहमदाबाद जैसे शहरों में विश्व स्तरीय ‘स्पोर्ट्स एन्क्लेव’ और स्टेडियम बनाने के लिए भारी फंड आवंटित होने की उम्मीद है. ओलंपिक की मेजबानी का मतलब है कि भारत को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को दुनिया के बेहतरीन मानकों के बराबर ले जाना होगा.
महिला खिलाड़ियों और सुशासन पर ध्यान
सरकार ने अब खेलों में पारदर्शिता लाने के लिए ‘नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट’ पर काम शुरू कर दिया है. बजट 2026-27 में खेल संघों के संचालन में सुधार और महिलाओं की 33% भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं. ‘मिशन शक्ति’ जैसी योजनाओं के तहत महिला एथलीटों के लिए अलग ट्रेनिंग सेंटर और छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाई जा सकती है.
खेल बजट का विवरण (करोड़ रुपये में)
| वित्तीय वर्ष | कुल बजट आवंटन (लगभग) | मुख्य फोकस |
| 2023-24 | ₹3,397.32 करोड़ | एशियाई खेल और बुनियादी ढांचा. |
| 2024-25 | ₹3,442.32 करोड़ | पेरिस ओलंपिक 2024 की तैयारियां. |
| 2025-26 | ₹3,794.30 करोड़ | खेलो इंडिया और 2036 ओलंपिक की दावेदारी. |
ये भी पढ़ें-
Budget 2026: क्या आज चमकेगी आपकी किस्मत? सोने-चांदी की कीमतों पर वित्त मंत्री ले सकती हैं फैसला
