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Budget 2026 Announcements: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने रविवार को पेश हुए केंद्रीय बजट 2026-27 (Union Budget 2026-27) में खेल जगत और खिलाड़ियों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है. सरकार ने इस बार केवल मेडल जीतने पर ही नहीं, बल्कि खेल का सामान बनाने वाले देसी उद्योगों को भी दुनिया में नंबर वन बनाने का संकल्प लिया है. वित्त मंत्री ने साफ कहा कि भारत में वह ताकत है कि वह पूरी दुनिया को सस्ते और बढ़िया क्वालिटी के स्पोर्ट्स गुड्स दे सके. इसके लिए रिसर्च और नई टेक्नोलॉजी पर खास जोर दिया जाएगा. आइए जानते हैं खेल और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए बजट की 5 बड़ी बातें.
1. स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च पर जोर
सरकार ने खेल के सामान बनाने वाली कंपनियों के लिए एक बड़ी योजना की घोषणा की है. वित्त मंत्री के अनुसार, अब भारत में ही हाई क्वालिटी के बैट, बॉल और अन्य खेल उपकरण तैयार होंगे. इसके लिए मटेरियल साइंस और नए डिजाइन पर रिसर्च की जाएगी. मकसद यह है कि हमारे खिलाड़ियों को विदेशों से महंगे सामान न मंगाना पड़ें और भारत इस क्षेत्र में एक बड़ा ग्लोबल सेंटर बनकर उभरे.
2. ‘खेलो इंडिया मिशन’ की नई पारी
अभी तक हम ‘खेलो इंडिया’ के जरिए अपनी प्रतिभा को निखार रहे थे, लेकिन अब अगले 10 सालों के लिए ‘खेलो इंडिया मिशन’ (Khelo India Mission) को नए सिरे से लॉन्च किया जाएगा. इसका उद्देश्य खेल के पूरे इकोसिस्टम को बदलना है. इससे न केवल नए खिलाड़ी तैयार होंगे, बल्कि खेल के क्षेत्र में रोजगार, स्किलिंग और नौकरी के हजारों नए मौके भी पैदा होंगे.
3. पुराने इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स का कायाकल्प
देश के 200 ऐसे पुराने औद्योगिक क्लस्टर्स (समूहों) को फिर से जिंदा किया जाएगा जो बरसों से काम कर रहे हैं. सरकार इनकी इन्फ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करेगी. इससे सामान बनाने की लागत कम होगी और उनकी क्वालिटी बेहतर होगी. इसका सीधा फायदा खेल के सामान बनाने वाली मेरठ और जालंधर जैसी पुरानी फैक्ट्रियों को मिल सकता है.
4. नेशनल फाइबर स्कीम और टेक्सटाइल विस्तार
खेलों के साथ-साथ कपड़ा उद्योग के लिए भी बड़े ऐलान हुए हैं. ‘नेशनल फाइबर स्कीम’ के तहत सिल्क, ऊन और जूट के साथ-साथ आधुनिक फाइबर के उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा. वहीं ‘टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम’ के जरिए मशीनों और टेक्नोलॉजी के लिए पैसे की मदद दी जाएगी ताकि पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक बाजार से जोड़ा जा सके.
5. मेगा टेक्सटाइल पार्क और समर्थ 2.0
सरकार एक बहुत बड़ा ‘मेगा टेक्सटाइल पार्क’ बनाने जा रही है, जहां एक ही छत के नीचे सामान बनेगा भी और उसकी वैल्यू भी बढ़ाई जाएगी. इससे सामान को इधर-उधर भेजने का खर्च बचेगा. साथ ही ‘समर्थ 2.0’ योजना के जरिए युवाओं को नई तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे भविष्य की जरूरतों के हिसाब से खुद को तैयार कर सकें और ग्लोबल मार्केट में मुकाबला कर सकें.
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