पीएम मोदी ने अनाहत सिंह की ऐतिहासिक जीत पर दी बधाई, बनीं जूनियर स्क्वैश विश्व चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय

भारतीय युवा स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह ने विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 जीतकर इतिहास रच दिया है. 18 साल की अनाहत ने फाइनल में मिस्र की खिलाड़ी को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी है.

PM Modi Tweet on Anahat Singh : भारत की युवा स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह ने विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 में इतिहास रच दिया है. 18 वर्षीय अनाहत ने कनाडा के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में खेले गए महिला एकल फाइनल में मिस्र की रुकय्या सलेम को 3-0 (11-3, 11-7, 11-9) से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इसके साथ ही वह विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं.

मोदी ने किया एक्स पर पोस्ट

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अनाहत सिंह को बधाई दी. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "2026 विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में यह ऐतिहासिक उपलब्धि है. अनाहत सिंह पर गर्व है, जिन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर विश्व जूनियर चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया. उनकी यह सफलता युवाओं के बीच स्क्वैश को और लोकप्रिय बनाएगी."

चार साल का इंतजार हुआ खत्म

खिताब जीतने के बाद भावुक अनाहत ने कहा कि उन्हें अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि वह चैंपियन बन गई हैं. उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों से इस टूर्नामेंट में उन्हें लगातार सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था. उन्होंने कहा, "मुझे लगता था कि यह टूर्नामेंट मेरे लिए किसी अभिशाप जैसा है. यह जूनियर खिलाड़ी के तौर पर मेरा आखिरी मौका था और इसे जीतना मेरे लिए पूरी दुनिया के बराबर है."

पूरे टूर्नामेंट में दिखाया दमदार खेल

भारत की नंबर-1 और टूर्नामेंट की शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने छह मुकाबलों में केवल दो गेम गंवाए. शुरुआती तीन मैचों में उन्होंने एक भी गेम नहीं छोड़ा. क्वार्टर फाइनल में मिस्र की हबीबा रिज्क और सेमीफाइनल में बार्ब समीह को 3-1 से हराने के बाद फाइनल में रुकय्या सलेम को सीधे गेमों में शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया.

21 साल बाद टूटा रिकॉर्ड, मिस्र का दबदबा भी खत्म

अनाहत सिंह की यह जीत भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है. इससे पहले जोशना चिनप्पा 2005 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप की उपविजेता रही थीं, जो भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. वहीं, महिला वर्ग में 2011 से चला आ रहा मिस्र का दबदबा भी अनाहत ने खत्म कर दिया. पिछले वर्ष उन्होंने जूनियर विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर भारत का 15 साल का इंतजार समाप्त किया था, जबकि इस बार उन्होंने गोल्ड जीतकर भारतीय स्क्वैश के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया.

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By Abhijeet Kumar

अभिजीत कुमार युवा पत्रकार हैं, जिन्हें खेल और खासकर क्रिकेट की दुनिया को करीब से समझने और उसकी अनकही कहानियों को पाठकों तक पहुंचाने का जुनून है. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), ढेंकानाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है. अपने पेशेवर सफर में उन्होंने रिपोर्टिंग, सब-एडिटिंग, पेज डिजाइन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में काम किया है.

वर्तमान में वह स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां खेल जगत से जुड़ी खबरों के लेखन, संपादन और प्रस्तुतीकरण की जिम्मेदारी संभालते हैं. क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि आंकड़ों, रोमांच, संघर्ष और भावनाओं से जुड़ी कहानियों की दुनिया है. खिलाड़ियों के प्रदर्शन से लेकर मैदान के पीछे की दिलचस्प घटनाओं तक, वह हर कहानी को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में पेश करने की कोशिश करते हैं.

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