दिल्ली ओपन : सोमदेव और युकी भांबरी सेमीफाइनल में

नयी दिल्ली : सोमदेव देववर्मन और युकी भांबरी ने खिताबी भिडंत की ओर कदम बढाते हुए आज यहां दिल्ली ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जगह बनाई जबकि साकेत माइनेनी को शिकस्त का सामना करना पडा. देश के नंबर एक एकल खिलाड़ी सोमदेव ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन सनम सिंह को कडे […]

नयी दिल्ली : सोमदेव देववर्मन और युकी भांबरी ने खिताबी भिडंत की ओर कदम बढाते हुए आज यहां दिल्ली ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जगह बनाई जबकि साकेत माइनेनी को शिकस्त का सामना करना पडा.

देश के नंबर एक एकल खिलाड़ी सोमदेव ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन सनम सिंह को कडे मुकाबले में 4-6, 6-1, 6-3 से हराया जबकि जबकि युकी ने सीधे सेटों में मालदोवा के सातवें वरीय राडु अल्बोट को 7-6, 6-3 से शिकस्त दी. साकेत आज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए और उन्हें बेल्जियम के किमर कोपेयांस के हाथों 4-6, 3-6 से शिकस्त झेलनी पडी.

सोमदेव को सेमीफाइनल में कोपेयांस का सामना करना है जबकि युकी का सामना बेल्जियम के बायें हाथ के खिलाड़ी रुबेन बेमेलमान्स ने होगा जिन्होंने इस एक लाख डालर इनामी एटीपी चैलेंजर प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ल्यूक सेविले को 6-4, 6-4 से हराया.

शीर्ष वरीय को हराकर उलटफेर करने वाले सनम ने मैच के पहले ही गेम में सोमदेव की सर्विस तोडकर अच्छी शुरुआत की. सोमदेव ने छठे गेम में विरोधी की सर्विस तोडकर स्कोर 3-3 से बराबर किया. उन्होंने हालांकि सनम को सातवें गेम में एक बार फिर सर्विस तोडने का मौका दिया जिसके बाद उन्हें पहला सेट अपने नाम करने में कोई दिक्कत नहीं हुई.

सोमदेव ने दूसरे सेट में अपनी गलतियों को काबू में रखा और अच्छी सर्विस की. उन्होंने चौथे गेम में सनम की सर्विस तोडकर 3-1 की बढत बनाई. सोमदेव ने अपने पुराने युगल जोडीदार पर दूसरे सेट के दौरान पूरी तरह से दबाव बनाए रखा और इस दौरान अपनी सर्विस पर सिर्फ चार अंक गंवाए और सेट आसानी से जीत लिया.

तीसरे और निर्णायक सेट में भी सोमदेव ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए पांचवें गेम में सनम की सर्विस तोडी और फिर 4-2 की बढत बनाई. सनम ने इसके बाद लंबा बैकहैंड मारकर सोमदेव को दो मैच प्वाइंट दिए और इस गत चैम्पियन खिलाड़ी ने दूसरे अंक पर फोरहैंड विनर के साथ मैच अपने नाम किया.

सोमदेव ने कहा, यह काफी कडा मैच था. सनम में दोनों ओर से आक्रमण करने की प्रतिभा है. उसका कोई कमजोर पक्ष नहीं है. मुझे पता था कि अगर मैं एक बार बढत बनाने में सफल रहा तो मैच जीत लूंगा. इस बीच एन श्रीराम बालाजी और विष्णु वर्धन की हार के साथ युगल वर्ग में भारत की चुनौती समाप्त हो गई. इस भारतीय जोडी को इटली के रिकार्डो गेडिन और जापान के तोशिहिदे मातसुई की जोडी ने 5-7, 6-4, 10-5 से हराया.

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