सावन माह की अंतिम सोमवारी पर बाबा गाजेश्वरनाथ धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. तकरीबन एक लाख 20 हजार श्रद्धालुओं ने पीतांबरी शिवलिंग पर गंगा जल से अभिषेक के पश्चात बेलपत्र, पुष्प, दूध, चंदन, भांग व वस्त्र अर्पित कर आशीर्वाद लिया. इस दौरान हर हर महादेव, ऊं नमः शिवाय, बोल बम का नारा है बाबा एक सहारा है आदि जयकारों से मिनी बाबाधाम गुंजायमान रहा. अंतिम सोमवारी पर भारी संख्या में पश्चिम बंगाल व झारखंड के विभिन्न प्रांतों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया. मंदिर का पट अहले सुबह 4 ही खोल दिया गया था, जहां स्वयंसेवकों एवं पुलिस बल के सहयोग से कांवरियों एवं श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कर बारी-बारी से सुलभ जलार्पण कराया गया. वहीं, शिवगादीधाम के मुख्य प्रवेश द्वार से आधा किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी रही. इधर, अत्यधिक भीड़ को काबू करने के लिये पर्याप्त संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गयी थी. साथ ही शिवगादी-खैरवा-बरहेट सड़क वन-वे ट्रैफिक नियम लागू रहा एवं शिवगादी से पूजा-अर्चना कर वापस लौटने वाले श्रद्धालु के लिये खैरवा सनमनी भाया सड़क सुचारू जारी रहा. वहीं, वाहनों की रख-रखाव के लिये अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था की गयी थी. शिवगादीधाम परिसर में लगी प्रसाद एवं मिठाईयों की दुकानों में जमकर खरीदारी हुई. श्रद्धालु पूजा-अर्चना के तत्पश्चात दुकान पहुंचकर अलग-अलग किस्म के मिठाई एवं अन्य प्रकार के सामग्री खरीद रहे थे. मेले में श्रद्धालुओं की पहली पसंद बनारस का प्रसिद्ध पेड़ा रहा, जो दुकानों में 300 से 350 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री हुई. पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दुकानों में खरीदारी अच्छी होने से दुकानदारों को अच्छी आमदनी हुई. दुकानदारों को करीब 15 लाख रुपये से अधिक की आमदनी हुई.
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