मिल्खा ने फिर की ध्‍यानचंद को भारत रत्‍न दिये जाने की मांग

नयी दिल्ली: हॉकी के जादूगर ध्यानचंद को भारत रत्न दिये जाने की वकालत करते हुए अपने जमाने के दिग्गज एथलीट मिल्खा सिंह ने कहा कि देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न पाने वाले वे पहले खिलाड़ी होने चाहिए थे. मिल्खा ने पत्रकारों से कहा, ध्यानचंद को पहले भारत रत्न मिलना चाहिए था.ध्यानचंद इसके सबसे […]

नयी दिल्ली: हॉकी के जादूगर ध्यानचंद को भारत रत्न दिये जाने की वकालत करते हुए अपने जमाने के दिग्गज एथलीट मिल्खा सिंह ने कहा कि देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न पाने वाले वे पहले खिलाड़ी होने चाहिए थे.

मिल्खा ने पत्रकारों से कहा, ध्यानचंद को पहले भारत रत्न मिलना चाहिए था.ध्यानचंद इसके सबसे बड़े हकदार थे. उड़न सिख का हालांकि मानना है कि क्रिकेट स्टार सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न मिलने से अन्य भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह पुरस्कार पाने का रास्ता साफ हो गया है.
उन्होंने कहा, यह अच्छा है कि सचिन को यह पुरस्कार दिया गया.इससे खिलाड़ियों के लिए दरवाजे खुल गये हैं. लेकिन सबसे पहले इसे ध्यानचंद को दिया जाना चाहिए था. ओलंपिक खेल 1960 में पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में चौथे स्थान पर रहने के कारण याद किये जाने वाले 80 वर्षीय मिल्खा ने बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल की पदम भूषण की मांग को लेकर उठे विवाद पर भी बात की.
उन्होंने कहा, उसके संघ को कहना चाहिए था कि वह हकदार है और तब उसे पुरस्कार मिलना चाहिए.लेकिन यदि तुम खुद पुरस्कार के लिए कहते हो तो यह गलत है.

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