ऑस्ट्रेलियाई ओपन पर धुएं का कहर, फेडरर ने आयोजकों को कोसा

मेलबर्न : रोजर फेडर ने शनिवार को ऑस्ट्रेलियाई ओपन में वायु गुणवत्ता को लेकर बेहतर संवाद की मांग की क्योंकि जंगलों में लगी आग के कारण फैले धुंए से इस टूर्नामेंट की तैयारियों पर असर पड़ा और आयोजकों को प्रदूषण को लेकर नये दिशानिर्देश जारी करने पड़े. बीस बार के ग्रैंडस्लैम विजेता फेडरर ने कहा […]

मेलबर्न : रोजर फेडर ने शनिवार को ऑस्ट्रेलियाई ओपन में वायु गुणवत्ता को लेकर बेहतर संवाद की मांग की क्योंकि जंगलों में लगी आग के कारण फैले धुंए से इस टूर्नामेंट की तैयारियों पर असर पड़ा और आयोजकों को प्रदूषण को लेकर नये दिशानिर्देश जारी करने पड़े.

बीस बार के ग्रैंडस्लैम विजेता फेडरर ने कहा कि संवादहीनता के कारण खिलाड़ियों के लिये स्थिति और बुरी बन गयी है जिन्हें शनिवार और बुधवार को मजबूर होकर कोर्ट पर उतरना पड़ा जबकि इन दिनों मेलबर्न की वायु गुणवत्ता दुनिया में सबसे खराब में से एक आंकी गयी थी.

स्लोवेनिया की डालिला जाकुपोविच को लगातार खांसी के कारण मैच से हटना पड़ा जबकि ब्रिटेन के लियाम ब्राडी ने दावा किया कि कई खिलाड़ियों को अस्थमा का उपचार करवाना पड़ा. फेडरर ने कहा, मेरा मानना है कि टूर्नामेंट के आयोजकों का लोगों, मीडिया, प्रशंसकों, खिलाड़ियों से संवाद बेहद जरूरी है क्योंकि आप सुन रहे हैं कि बाहर निकलना सुरक्षित नहीं है, अपने पालतू पशुओं को अंदर रखे और खिड़कियां बंद रखें.

विश्व में नंबर छह स्टीफेनोस सिटसिपास अन्य खिलाड़ी हैं जो धुंध से परेशान है. उन्होंने कहा कि मेलबर्न में इंडोर कोर्ट पर अभ्यास करने के बावजूद उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई. उन्होंने कहा, मैं लगातार खांस रहा था. मुझे दो घंटे तक सांस लेने में परेशानी हुई. कनाडा के युवा डेनिस शापोवालोव ने कहा कि अगर टूर्नामेंट के दौरान स्थिति बिगड़ती है तो वह नहीं खेलेंगे;

उन्होंने कहा, मैं 20 साल का हूं. मैं अपनी जिंदगी को खतरे में नहीं डाल सकता. मैं ऐसी परिस्थितियों में खेलकर अपने स्वास्थ्य को जोखिम में नहीं डाल सकता. इस बीच ऑस्ट्रेलियाई ओपन के आयोजकों ने क्वालीफाईंग के दौरान जहरीले धुएं को लेकर कड़ी आलोचना के बाद शनिवार को वायु गुणवत्ता रेटिंग के मानक तय किये ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कब खेल रोकना है. आयोजकों ने मेलबर्न पार्क के निगरानी केंद्रों द्वारा मापे गये प्रदूषकों के आधार पर शनिवार को पांच स्तरीय वायु गुणवत्ता रेटिंग जारी की.

अगर ‘पार्टिकुलेट मैटर रेटिंग’ (पीएम 2.5) 200 तक पहुंचती है तो खेल रोक दिया जाएगा. यदि यह 97 से 200 के बीच रहती है तो चिकित्सक और आयोजक इस पर विचार करेंगे कि क्या मैच जारी रखना चाहिए.

मैच रेफरी को अगर लगता है कि खेल रोक देना चाहिए तो वह ऐसा कर सकता है. नियम सभी बाहरी कोर्ट पर लागू होगा, जबकि ग्रैंडस्लैम के तीन एरेना में तभी तक खेल रोका जाएगा जब तक कि उन्हें छत से ढक नहीं दिया जाता.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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