साक्षी मलिक को कुश्ती महासंघ का कारण बताओ नोटिस

नयी दिल्ली : ओलंपिक पदकधारी साक्षी मलिक को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने बिना अनुमति के राष्ट्रीय शिविर छोड़ने पर कारण बताओ नोटिस दिया है जबकि इसी आरोप में शिविर में शामिल 25 महिला पहलवानों को निलंबित कर दिया गया है. लखनऊ स्थित साइ केन्द्र में शिविर में 45 महिला पहलवानों में से 25 राष्ट्रीय […]

नयी दिल्ली : ओलंपिक पदकधारी साक्षी मलिक को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने बिना अनुमति के राष्ट्रीय शिविर छोड़ने पर कारण बताओ नोटिस दिया है जबकि इसी आरोप में शिविर में शामिल 25 महिला पहलवानों को निलंबित कर दिया गया है.

लखनऊ स्थित साइ केन्द्र में शिविर में 45 महिला पहलवानों में से 25 राष्ट्रीय महासंघ की अनुमति के बिना शिविर से अनुपस्थित थी. इन 25 पहलवानों में से साक्षी (62 किग्रा), सीमा बिस्ला (50 किग्रा) और किरन (76 किग्रा) ने हाल ही में विश्व चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई किया है.

इन तीनों खिलाड़ियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है जिसका बुधवार तक जवाब देना होगा. इनके अलवा बाकी सभी पहलवानों को अगले आदेश तक राष्ट्रीय शिविर से निलंबित कर दिया गया है और सोमवार को विश्व चैम्पियनशिप के गैर ओलंपिक श्रेणी के ट्रायल्स में भाग लेने से रोक दिया गया है.

डब्ल्यूएफआई के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा कि भारतीय दल जब तैयारी टूर्नामेंट के लिए बेलारूस और एस्टोनिया रवाना हुआ तो बाकी बचे पहलवान बिना अनुमति लिए ही शिविर से चले गए. तोमर ने कहा, हमने साक्षी, सीमा और किरण से कारण बताओ नोटिस का जवाब मांगा है. उनके पास बुधवार तक का समय है.

बाकियों को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. उन्हें शिविर में दोबारा बुलाने के बारे में हम बाद में फैसला करेंगे. उन्होंने कहा, जूनियर और बाकी बचे पहलवानों के साथ शिविर अब भी जारी है. कार्रवाई होने के बाद निलंबित पहलवान बहाने बना रहे हैं. कोई कह रहा है कि उनकी मां बीमार है, कोई कह रहा कि उन्होंने किसी और को सूचित किया था. यह अस्वीकार्य है.

जब उनसे पूछा गया कि क्या डब्ल्यूएफआई साक्षी, सीमा और किरण को विश्व चैम्पियनशिप में भाग लेने से रोकेगा तो उन्होंने कहा, मैं अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकता. महासंघ इस पर फैसला करेगा. डब्ल्यूएफआई के सूत्रों ने हालांकि बताया कि तीनों पहलवानों को चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा. डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष ब्रिज भूषण शरण सिंह ने कहा कि वे चाहते है कि सिर्फ गंभीर पहलवान ही शिविर में भाग लें.

उन्होंने कहा, हमने उन्हें कहा है कि केवल वे ही पहलवान प्रशिक्षण शिविर में लौटेंगे जो इसके लिए गंभीर. अगर उनके घर में समस्या है, तो वे घर बैठ सकते हैं. हम उनकी जगह दूसरों को शामिल करेंगे. हम कुछ पहलवानों की वजह से शिविर को प्रभावित नहीं होने देना चाहते. हमारे पास काफी संख्या में जूनियर खिलाड़ी मौजूद हैं. जब उनसे पूछा गया कि डब्ल्यूएफआई ने ट्रायल्स के नतीजे को प्रभावित करने की कोशिश की है तो उन्होंने महासंघ का बचाव किया.

संयुक्त विश्व कुश्ती (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने विश्व चैम्पियनशिप के लिए नाम भेजने की अंतिम तिथि 15 अगस्त रखी थी और ट्रायल्स अब आयोजित हो रहे हैं. गैर ओलंपिक वर्ग में महिलाओं के ट्रायल्स सोमवार को लखनऊ में हुए जबकि पुरुषों का ट्रायल्स मंगलवार को दिल्ली में होगा. पुरुषों के ट्रायल्स में गैर ओलंपिक के साथ 74 किग्रा का भी ट्रायल होगा जो ओलंपिक वर्ग है और उसमें सुशील कुमार को भाग लेना है.

उन्होंने कहा, हमने पहलवानों को विश्व चैम्पियनशिप की तैयारियों के लिए एस्टोनिया और बेलारूस भेजा है. जूनियर पहलवान भी इसमें भाग लेना चाहते थे इसलिए हमने उनके आने के बाद इसे कराने का फैसला किया.उन्होंने कहा, हमने जो नाम भेजे हैं उसे चिकित्सा प्रमाण पत्र के जरिये बदल सकते हैं.

राष्ट्रीय शिविर से बाहर हुए पहलवानों के नाम

50 किग्रा : इंदु चौधरी, प्रीति, शीतल तोमर

53 किग्रा: सीमा, कीमती, रमन यादव

55 किग्रा: पिंकी

57 किग्रा: पिंकी रानी

59 किग्रा: मंजू, अंकिता, रानी राणा

62 किलो: साक्षी मलिक, रचना, पूजा

65 किग्रा: अनीता, गार्गी यादव, रितु मलिक

68 किग्रा: रजनी, नैना, कविता

76 किग्रा: किरण, ज्योति, सुदेश, पूजा, रानी.

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