जयपुर : मिशेल सेंटनेर ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर आईपीएल मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को राजस्थान रायल्स पर चार विकेट से जीत दिलायी लेकिन इस मैच में संभवत: पहली बार ‘कैप्टन कूल’ महेंद्र सिंह धौनी आपा खोते नजर आये.
धौनी राजस्थान रायल्स के खिलाफ आईपीएल मैच के दौरान मैदानी अंपायर से बहस करने के बावजूद प्रतिबंध से बच गये लेकिन उन्हें मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना देना पड़ा. ऐसा संभवत: पहली बार हुआ जब ‘कैप्टन कूल’ ने अपना आपा खोया और अंपायर उल्हास गंधे के फैसले को चुनौती देने डगआउट से निकलकर मैदान पर आ गये.
बीसीसीआई ने कहा ,‘‘ चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान एम एस धोनी पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया. उन्होंने जयपुर में राजस्थान रायल्स के खिलाफ मैच के दौरान आईपीएल आचार संहिता का उल्लंघन किया.” गंधे ने रायल्स के गेंदबाज बेन स्टोक्स की कमर से ऊंची जाती एक गेंद नोबाल दी लेकिन स्क्वेयर लेग अंपायर ब्रूस ओक्सेनफोर्ड से मशविरे के बाद फैसला वापिस ले लिया.
विज्ञप्ति में कहा गया ,‘‘ धौनी ने अपराध और सजा स्वीकार कर ली है.” आईपीएल टीमों की दशा में फ्रेंचाइजी खिलाड़ियों की जगह जुर्माना भरेगी. गंधे ने जब नोबाल का फैसला बदला तो धौनी गुस्से में उनकी तरफ इशारा करते नजर आये. ओक्सेनफोर्ड के समझाने के बाद वह डगआउट में लौटे. चेन्नई ने हालांकि वह मैच चार विकेट से जीत लिया. आईसीसी की आचार संहिता के तहत अंपायर के फैसले पर असंतोष जताने पर एक टेस्ट या दो वनडे का प्रतिबंध लग सकता है.
यहां चर्चा कर दें कि मैच में ‘नो बॉल’ को लेकर विवाद हो गया. इस दौरान धौनी भी पिच पर पहुंच गये. मैदान में भ्रम की स्थिति नजर आयी कि अंपायर ने नो बॉल का फैसला दिया है. लेकिन बाद में अंपायर ने कहा कि उन्होंने नो बॉल का फैसला दिया ही नहीं है. इसके बाद धौनी भी अंपायर के पास पहुंचे और उनसे कुछ कहते दिखे. हालांकि बाद में इस बॉल को सही करार दिया गया. धौनी की इस हरकत के लिए उनपर 50 प्रतिशत का जुर्माना ठोक दिया गया है. उन्हें आईपीएल के नियमों के उल्लंघन करने का दोषी पाया गया.
