प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड रविंद्र जडेजा ने राजस्थान की एजुकेशन मिनिस्टर को डेडिकेट किया तो सभी चौंके, लेकिन फिर…

LSG vs RR 2026 : राजस्थान रॉयल्स की टीम लखनऊ सुपर जायंट्‌स को हराकर प्वाइंट टेबल में नंबर दो बन गई है. राजस्थान की इस जीत के हीरो रहे रविंद्र जडेजा ने प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता और उसे राजस्थान की एजुकेशन मिनिस्टर को डेडिकेट कर दिया, तो दर्शक एक बार चौंके, लेकिन फिर सबको रीवाबा का ख्याल आ गया, जो उनकी पत्नी हैं.

LSG vs RR 2026 : लखनऊ के होम ग्राउंड पर राजस्थान रॉयल्स (RR) ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 40 रनों से हराया. प्लेयर ऑफ द मैच के विजेता ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने एक लो स्कोरिंग गेम का रिजल्ट अपनी टीम के पक्ष में करवाने में अहम भूमिका निभाई. रविंद्र जडेजा ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ उस वक्त एक अच्छी पारी खेली जब टीम डगमगा गई थी. जडेजा ने 29 गेंदब में 43 रन बनाएं, जिनमें दो चौका और एक छक्का शामिल था. अपने मैच जिताने वाले प्रदर्शन के बाद जडेजा ने खुशी जताई.

प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड पत्नी रीवाबा को समर्पित किया

रविंद्र जडेजा अपनी मैच विनिंग परफार्मेंस से बहुत खुश नजर आए और उन्होंने प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड अपनी पत्नी रीवाबा जडेजा को समर्पित किया. जडेजा ने कहा कि पिच चुनौतीपूर्ण थी, जिसमें सतह से मूवमेंट था, इसलिए उन्होंने क्रीज पर टिके रहने और धैर्य के साथ खेलने का फैसला किया.अपनी बॉलिंग के बारे में बात करते हुए, जडेजा ने कहा कि गेंद थोड़ी ग्रिप कर रही थी, जिससे उन्हें अपनी पेस को असरदार तरीके से बदलने में मदद मिली.उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने निकोलस पूरन के अटैकिंग इरादे का अंदाजा लगा लिया था और उन्हें चकमा देने के लिए अपने वेरिएशन का इस्तेमाल किया. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि बैटर उनकी जेब में था. मैच के बाद जडेजा ने कहा, प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतकर अच्छा लग रहा है. मैं यह अवॉर्ड गुजरात की एजुकेशन मिनिस्टर (रिवाबा जडेजा) को डेडिकेट करना चाहूंगा.

रविंद्र जडेजा ने शानदार परफॉर्मेंस दी

लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ जडेजा ने शानदार ऑलराउंडर वाला प्रदर्शन किया. उन्होंने 29 बॉल पर 43 रन बनाए और एक अहम विकेट लिया.मैच में जोफ्रा आर्चर और बर्गर की पेस जोड़ी की शानदार बॉलिंग ने राजस्थान रॉयल्स को बुधवार को LSG पर 40 रन की जीत के साथ दो मैचों की हार का सिलसिला तोड़ने में मदद की. राजस्थान के कप्तान रियान पराग ने अपनी टीम के ओवरऑल परफॉर्मेंस पर खुशी जताई, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि राजस्थान रॉयल्स की बैटिंग अच्छी नहीं हुई. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि टीम 180 के स्कोर तक पहुंचेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. राजस्थान ने 7 मैच खेलकर 10 अंक हासिल किए हैं और वो अब प्वाइंट टेबल में नंबर दो पर पहुंच गई है. उसने 5 मैच जीते हैं और दो हारे हैं.

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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