सिर में लगी चोट से दो बॉक्सर्स की हुई मौत, एक ही दिन एक ही रिंग में अलग-अलग लड़ी थी फाइट

Two Japanese boxers die after brain injuries : दो जापानी मुक्केबाज शिगेतोशी कोटारी और हीरोमासा उराकावा की 2 अगस्त को टोक्यो में हुए अलग-अलग मुकाबलों के दौरान गंभीर मस्तिष्क चोट लगने से मौत हो गई. कोटारी 28 साल के थे और खिताबी मुकाबले में चोट लगने के छह दिन बाद उनका निधन हुआ. उराकावा भी 28 वर्ष के ही थे, यो जी साइटो के खिलाफ नॉकआउट हार के दौरान लगी चोट के चलते चल बसे.

Two Japanese boxers die after brain injuries : विश्व खेल के लिए बीते कुछ दिन बेहद दिल तोड़ने वाले रहे. विशेषकर बॉक्सिंग की दुनिया में. दो जापानी मुक्केबाज शिगेतोशी कोटारी और हीरोमासा उराकावा की मौत हो गई है. दोनों को 2 अगस्त को टोक्यो के कोराकुएन हॉल में हुए मुकाबलों में, अलग-अलग फाइट के दौरान, गंभीर मस्तिष्क चोटें लगी थीं. शिगेतोशी कोटारी 28 साल के थे और 2 अगस्त को टोक्यो में एक खिताबी मुकाबले के दौरान लगी मस्तिष्क की चोट के छह दिन बाद उन्होंने दम तोड़ दिया. जापान बॉक्सिंग कमीशन (JBC) ने शुक्रवार (8 अगस्त) को इस बात की पुष्टि की. जबकि उराकावा भी 28 वर्ष के थे, वे शनिवार को यो जी साइटो के खिलाफ नॉकआउट हार के दौरान लगी मस्तिष्क चोटों के चलते चल बसे. (Shigetoshi Kotari and Hiromasa Urakawa passed away due to brain injury)

मीडिया रिपोर्टेस के मुताबिक कोटारी, कोराकुएन हॉल में यामातो हाताके खिलाफ ओरिएंटल एंड पैसिफिक बॉक्सिंग फेडरेशन (OPBF) सुपर फेदरवेट खिताब के लिए लड़ रहे थे. 12 राउंड का यह मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन कुछ देर बाद कोटारी ने अपने दल से कहा कि वह ठीक महसूस नहीं कर रहे और अपने कॉर्नर में गिर पड़े. उन्हें तुरंत टोक्यो के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने एक्यूट सबड्यूरल हेमाटोमा (मस्तिष्क और खोपड़ी के बीच खून जमने) का निदान किया. सर्जनों ने दबाव कम करने के लिए क्रैनियोटॉमी की, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ. 8 अगस्त को कोटारी का निधन हो गया.

सबड्यूरल हेमाटोमा एक जानलेवा स्थिति है, जो सिर पर चोट लगने के बाद हो सकती है. इसके लक्षण तुरंत भी दिख सकते हैं या देर से भी, इसलिए समय पर इलाज बेहद जरूरी है. वर्ल्ड बॉक्सिंग ऑर्गनाइजेशन (WBO) ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “रेस्ट इन पीस, शिगेतोशी कोटारी. रिंग में योद्धा, जज्बे में फाइटर. बहुत जल्दी चले गए.”

कोटारी की मौत, उसी इवेंट कार्ड पर खेले गए एक अन्य 28 वर्षीय बॉक्सर हीरोमासा उरकावा की मौत के सिर्फ एक दिन बाद हुई. उरकावा को योजी सैतो के बीच मुकाबले को कई बार नॉकडाउन होने के बाद रोक दिया गया था. इस दौरान उराकावा के सिर में काफी चोटें आ गईं. उन्होंने भी इमरजेंसी ब्रेन सर्जरी कराई, लेकिन बच नहीं सके और उनका निधन हो गया. उन्हें भी सबड्यूरल हेमेटोमा के इलाज के लिए क्रैनियोटॉमी सर्जरी से गुज़रना पड़ा था.

WBO ने शनिवार को सोशल मीडिया पर लिखा, “हम जापानी मुक्केबाज हीरोमासा उराकावा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं, जिनकी 2 अगस्त को टोक्यो के कोराकुएन हॉल में यो जी साइटो के खिलाफ फाइट के दौरान लगी चोटों के कारण मौत हो गई. यह दिल दहला देने वाली खबर, शिगेतोशी कोटारी के निधन के कुछ दिन बाद आई है, जो उसी इवेंट में लगी चोटों के कारण चल बसे थे. इस कठिन समय में हमारी गहरी संवेदनाएं उनके परिवारों, दोस्तों और पूरे जापानी बॉक्सिंग समुदाय के साथ हैं.”

कोटारी और उरकावा की मौत ने जापान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में खेल जगत को झकझोर दिया है. इन दोहरी त्रासदियों ने जापान के बॉक्सिंग समुदाय में सुधार की मांग तेज कर दी है. JBC ने शनिवार (9 अगस्त) को घोषणा की कि OPBF खिताबी मुकाबलों को 12 राउंड से घटाकर 10 राउंड किया जाएगा, ताकि खिलाड़ियों के लिए जोखिम कम किया जा सके. साथ ही वजन माप और हाइड्रेशन प्रोटोकॉल समेत अन्य सुरक्षा नियमों की भी समीक्षा की जा रही है.

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