CWG 2026: शर्मिला के गोल्ड से चमका भारत, पांचवें दिन जीते कुल 6 मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पांचवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, कुल छह पदक जीतकर देश की पदक संख्या 10 तक पहुंचाई. पैरा एथलेटिक्स में शर्मिला धनखड़ का ऐतिहासिक स्वर्ण पदक एक बड़ी उपलब्धि रही.

Common Wealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पांचवां दिन शानदार रहा. भारतीय खिलाड़ियों ने सोमवार को कुल छह पदक जीतकर देश की पदक संख्या 10 तक पहुंचा दी. दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि पैरा एथलेटिक्स में शर्मिला धनखड़ का भारत के गोल्ड मेडल जीतना रहा. वहीं वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए चार रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम किए.

पैरा एथलेटिक्स में पहला गोल्ड

महिलाओं की पैरा शॉट पुट F57 स्पर्धा में शर्मिला धनखड़ ने 9.81 मीटर के सीजन के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता. वह कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा एथलेटिक्स में भारत को गोल्ड दिलाने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गईं. उनके इस स्वर्ण के साथ भारत का इस खेल में 20 साल का पदक इंतजार भी खत्म हो गया. इसी स्पर्धा में भारत की शिल्पा शायला ने 7.26 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता.

वेटलिफ्टिंग में भारत का दबदबा कायम

वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा. 53 किग्रा वर्ग में ज्ञानेश्वरी यादव ने 111 किग्रा कुल वजन उठाकर रजत पदक जीता. इस पर पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर उन्हें बधाई दी. वहीं 58 किग्रा वर्ग में बिंदियारानी देवी ने कांस्य पदक अपने नाम किया. पुरुषों के 79 किग्रा वर्ग में वल्लूरी अजय बाबू ने 330 किग्रा कुल वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया. इसके साथ ही भारत ने वेटलिफ्टिंग के पहले छह मुकाबलों में छह पदक जीतने का शानदार रिकॉर्ड कायम रखा.

सर्वेश ने हाई जंप में जीता सिल्वर

पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में सर्वेश अनिल कुशारे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया. वह 2.28 मीटर की ऊंचाई पार नहीं कर सके, लेकिन अपने बेहतरीन प्रयास के दम पर दूसरे स्थान पर रहे और भारत के खाते में एक और पदक जोड़ दिया.

शिल्पा शायला के खाते में भी आया ब्रॉन्ज

महिला शॉट पुट F57 स्पर्धा में भारत की शिल्पा के. शायला ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया. शुरुआती नतीजों में वह चौथे स्थान पर थीं, लेकिन बाद में नाइजीरिया की यूकारिया इयियाजी के पहले प्रयास को अमान्य घोषित कर दिया गया. इसके बाद उनके खाते में कोई भी वैध थ्रो नहीं बचा, जिससे शिल्पा तीसरे स्थान पर पहुंच गईं. इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीतकर शानदार डबल पोडियम फिनिश दर्ज की.

आर्यन नेहरा पदक से चूके

पुरुषों की 800 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी स्पर्धा के फाइनल में भारत के आर्यन नेहरा पदक जीतने से चूक गए. उन्होंने 8:07.26 मिनट का समय निकालते हुए सातवां स्थान हासिल किया. इस स्पर्धा का स्वर्ण ऑस्ट्रेलिया के सैम शॉर्ट ने जीता.

क्रमांकखिलाड़ी का नामस्पर्धाखेलपदक
1झांडू कुमारपुरुष हेवीवेटपैरा पावरलिफ्टिंगकांस्य
2ऋषिकांत सिंहपुरुष 60 किग्रावेटलिफ्टिंगरजत
3मीराबाई चानूमहिला 48 किग्रावेटलिफ्टिंगस्वर्ण
4मुथुपांडी राजापुरुष 65 किग्रावेटलिफ्टिंगरजत
5ज्ञानेश्वरी यादवमहिला 53 किग्रावेटलिफ्टिंगरजत
6बिंदियारानी देवीमहिला 58 किग्रावेटलिफ्टिंगकांस्य
7शर्मिला धनखड़महिला शॉट पुट F57पैरा एथलेटिक्सस्वर्ण
8सर्वेश कुशारेपुरुष हाई जंपएथलेटिक्सरजत
9शिल्पा के शायलामहिला शॉट पुट F57पैरा एथलेटिक्सकांस्य
10वल्लूरी अजय बाबूपुरुष 79 किग्रावेटलिफ्टिंगरजत

भारत के शानदार प्रदर्शन के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पदक तालिका में उसकी कुल पदक संख्या अब 10 हो गई है. भारतीय खिलाड़ी आने वाले दिनों में भी कई स्पर्धाओं में पदक जीतने के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं.

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By Abhijeet Kumar

अभिजीत कुमार युवा पत्रकार हैं, जिन्हें खेल और खासकर क्रिकेट की दुनिया को करीब से समझने और उसकी अनकही कहानियों को पाठकों तक पहुंचाने का जुनून है. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), ढेंकानाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है. अपने पेशेवर सफर में उन्होंने रिपोर्टिंग, सब-एडिटिंग, पेज डिजाइन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में काम किया है.

वर्तमान में वह स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां खेल जगत से जुड़ी खबरों के लेखन, संपादन और प्रस्तुतीकरण की जिम्मेदारी संभालते हैं. क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि आंकड़ों, रोमांच, संघर्ष और भावनाओं से जुड़ी कहानियों की दुनिया है. खिलाड़ियों के प्रदर्शन से लेकर मैदान के पीछे की दिलचस्प घटनाओं तक, वह हर कहानी को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में पेश करने की कोशिश करते हैं.

उनका मानना है कि एक अच्छी स्पोर्ट्स स्टोरी सिर्फ खबर नहीं बताती, बल्कि पाठक को उस पल का हिस्सा महसूस कराती है. यही सोच उनके लेखन की पहचान है और यही वजह है कि उनके आर्टिकल्स में खबर के साथ कहानी, संदर्भ और क्रिकेट का जुनून भी नजर आता है.

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