अंतिम 6 गेंद पर 10 रन बनाना हुआ मुश्किल, इस श्रीलंकाई गेंदबाज ने हैट्रिक लेकर हलक से छीनी जीत

Zimbabwe vs Sri Lanka: हरारे में खेले गए पहले वनडे में श्रीलंका ने जिम्बाब्वे को 7 रन से हराया. श्रीलंका ने 298 रन बनाए जबकि जिम्बाब्वे 291 पर सिमट गया. जिम्बाब्वे की ओर से बेन करन, सीन विलियम्स और सिकंदर रजा की पारियां भी टीम को जीत नहीं दिला सकीं. दिलशान मदुशंका की आखिरी ओवर में हैट्रिक निर्णायक साबित हुई. (Dilshan Madushanka Hat-Trick)

Zimbabwe vs Sri Lanka: श्रीलंका और जिम्बाब्वे के बीच खेली जा रही दो वनडे मैचों की सीरीज के पहले मैच में श्रीलंका ने केवल 7 रन से जीत दर्ज की. श्रीलंका के तेज गेंदबाज दिलशान मदुशंका की हैट्रिक ने टीम को संकट की घड़ी में संभाला और इसी के दम पर श्रीलंका ने रोमांचक जीत दर्ज की. हरारे में खेले गए पहले वनडे में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298 रन बनाए, जिसके जवाब में जिम्बाब्वे अंतिम ओवर तक 291 रन ही बना सका. सात रनों से जीत हासिल कर श्रीलंका ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली. जिम्बाब्वे की ओर से बेन करन, कप्तान सीन विलियम्स और सिकंदर रजा की अर्धशतकीय पारियों पर लंका के मदुशंका की हैट्रिक (Dilshan Madushanka Hat-Trick)भारी पड़ी.

टॉस जीतकर जिम्बाब्वे ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया.शुरुआत में ओपनर निशान मदुश्का बिना खाता खोले आउट हो गए, लेकिन पथुम निसंका और कुशल मेंडिस (63 गेंदों पर 38, तीन चौके) ने दूसरे विकेट के लिए 100 रनों की साझेदारी कर पारी को सँभाला. श्रीलंका की ओर से तीन अर्धशतक आए. पथुम निसंका (92 गेंदों पर 76, 12 चौके), जनिथ लियानागे (47 गेंदों पर नाबाद 70, छह चौके और तीन छक्के) और कमिंदु मेंडिस (36 गेंदों पर नाबाद 57, चार चौके और दो छक्के). इन पारियों की बदौलत श्रीलंका ने 50 ओवर में 298/6 का स्कोर खड़ा किया.

एक समय श्रीलंका का स्कोर 161/5 था, लेकिन लियानागे और कमिंदु के बीच सातवें विकेट के लिए नाबाद 137 रनों की साझेदारी ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुँचाया. नगारवा जिम्बाब्वे के सबसे सफल गेंदबाज रहे, उन्होंने 2/34 के आँकड़े हासिल किए. ब्लेसिंग मुजराबानी, रजा और विलियम्स ने एक-एक विकेट लिया.

खराब शुरुआत के बाद लय में आाया जिम्बाब्वे

लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही. ब्रायन बेनेट और वापसी कर रहे ब्रेंडन टेलर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए और टीम का स्कोर पहले ओवर में ही 0/2 हो गया. इसके बाद करन (90 गेंदों पर 70, आठ चौके) और विलियम्स (74 गेंदों पर 57, आठ चौके, दो छक्के) ने 118 रनों की साझेदारी कर टीम को संभाला. हालाँकि, 161/5 के स्कोर पर जिम्बाब्वे फिर दबाव में आ गया. लेकिन रजा (87 गेंदों पर 92, आठ चौके) और टोनी मुनयोंगा (52 गेंदों पर नाबाद 43, एक चौका) के बीच 128 रनों की साझेदारी ने जिम्बाब्वे को जीत की दहलीज पर ला खड़ा किया.

मदुशंका ने हैट्रिक लेकर दिलाई जीत

आखिरी ओवर में जिम्बाब्वे को जीत के लिए 10 रन चाहिए थे. लेकिन मदुशंका (4/62) ने पहली तीन गेंदों पर लगातार तीन विकेट झटक कर हैट्रिक पूरी की और जिम्बाब्वे की पारी 50 ओवर में 291/8 पर रुक गई. जिम्बाब्वे को अंतिम छह गेंदों में जीत के लिए 10 रन चाहिए थे और उसके पास पाँच विकेट शेष थे. सिकंदर रजा 87 गेंदों पर 8 चौके की मदद से 92 रन पर मजबूत स्थिति में बल्लेबाजी कर रहे थे. लेकिन मदुशंका ने पहली ही गेंद पर रजा को बोल्ड कर मैच का रुख बदल दिया. दूसरी गेंद पर उन्होंने ब्रैड इवांस को शॉर्ट फाइन लेग पर आसिथा फर्नांडो के हाथों कैच कराया और तीसरी गेंद पर रिचर्ड नगारवा को क्लीन बोल्ड कर हैट्रिक पूरी की. (Dilshan Madushanka Hat-Trick)

रजा के आउट होने के बाद मुनयोंगा नॉन-स्ट्राइकर एंड पर ही खड़े रह गए और नाबाद 43 रन बनाकर लौटे, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाए. श्रीलंका ने यह मैच 7 रनों से जीत लिया. मदुशंका के अलावा आसिथा फर्नांडो (3/50) ने भी शानदार गेंदबाजी की. मदुशंका को उनके करिश्माई प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया.

यह श्रीलंका का 2008 के बाद जिम्बाब्वे का पहला दौरा है. इस सीरीज का दूसरा मैच 31 अगस्त को हरारे में ही खेला जाएगा.

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