ICC: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल अब सिर्फ पुरुष क्रिकेट पर निर्भर नहीं रहना चाहती. चेयरमैन जय शाह की अगुवाई में आईसीसी ने महिला क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है. हाल ही में हुई ICC की ऑनलाइन मीटिंग में कई अहम कारोबारी और रणनीतिक फैसलों पर चर्चा हुई, जिन पर 30 मई को अहमदाबाद में अंतिम मुहर लग सकती है.
10 साल में 10 गुना बढ़ सकती है कमाई
मशहूर कंसल्टिंग फर्म मैकिन्से की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सही रणनीति और बेहतर निवेश के जरिए महिला क्रिकेट ICC के लिए अगले 10 वर्षों में कमाई का बड़ा स्रोत बन सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, महिला क्रिकेट से होने वाला राजस्व 10 गुना तक बढ़ सकता है. हाल ही में महिला क्रिकेट टूर्नामेंट्स को मिली रिकॉर्ड व्यूअरशिप और बढ़ती फैन फॉलोइंग ने यह साबित कर दिया है कि महिला क्रिकेट अब तेजी से एक बड़े वैश्विक ब्रांड के रूप में उभर रहा है.
फुटबॉल और टेनिस की तर्ज पर बनेगा डिजिटल डेटा बैंक
ICC अब फुटबॉल और टेनिस की तरह अपना एक बड़ा डिजिटल डेटा हब तैयार करने जा रही है. इस प्लेटफॉर्म पर खिलाड़ियों, मैचों और टूर्नामेंट्स से जुड़े आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध होंगे. इस डेटा बैंक को कंपनियों और ब्रॉडकास्ट पार्टनर्स को उपलब्ध कराकर ICC करीब 100 मिलियन डॉलर यानी लगभग 830 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई करने की योजना बना रही है. यह कदम क्रिकेट के डिजिटल और बिजनेस मॉडल को पूरी तरह बदल सकता है.
विमेंस इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी का बढ़ेगा दायरा
महिला क्रिकेट को मजबूत बनाने के लिए ICC ने ‘विमेंस इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी’ को भी बड़ा करने का फैसला लिया है. नवंबर 2026 में होने वाले इस टूर्नामेंट में अब 8 की जगह 10 टीमें हिस्सा लेंगी. सबसे खास बात यह है कि पहली बार श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, जिम्बाब्वे और आयरलैंड जैसी टीमों को भी इसमें शामिल किया जाएगा.
ICC का मानना है कि इन फैसलों से महिला क्रिकेट को नई पहचान मिलेगी और आने वाले वर्षों में यह खेल दुनिया के सबसे लोकप्रिय स्पोर्ट्स में अपनी जगह और मजबूत करेगा.
अरकम अब्दुल मन्नान
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