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Aakash Chopra on ICC Favouring: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर 8 राउंड के लिए आईसीसी के प्री-सीडिंग सिस्टम पर उठ रहे सवालों पर मशहूर क्रिकेट कमेंटेटर आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है. सोशल मीडिया पर लगातार यह आरोप लग रहे थे कि आईसीसी ने यह सिस्टम सिर्फ बीसीसीआई (BCCI) को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया है. टूर्नामेंट के इस चरण में ग्रुप टॉपर्स के एक ही ग्रुप में आ जाने के बाद यह विवाद काफी बढ़ गया था.
अब आकाश चोपड़ा ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए आलोचकों को तथ्यों के साथ करारा जवाब दिया है. उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था किसी विशेष टीम को फायदा पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि टूर्नामेंट के आयोजन की तार्किक जरूरतों को पूरा करने के लिए की गई है.
प्री-सीडिंग सिस्टम पर क्यों उठे सवाल?
सुपर 8 चरण के लिए टीमों का जो ग्रुप बना है, उसमें कई ग्रुप टॉपर्स एक ही ग्रुप में आ गए हैं. इसी बात को देखकर सोशल मीडिया पर यह बहस छिड़ गई कि आईसीसी का यह कदम पूरी तरह से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पक्ष में है. आलोचकों का यह आरोप था कि भारत का रास्ता आसान करने के लिए नियमों में यह बदलाव किया गया है. लेकिन आकाश चोपड़ा के तर्कों ने इन आरोपों को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया है.
आकाश चोपड़ा ने दिया मुंहतोड़ जवाब
इन बेबुनियाद आरोपों पर आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपना गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने उन लोगों को जमकर फटकार लगाई जो इसे बीसीसीआई के प्रति झुकाव बता रहे थे. चोपड़ा ने बहुत ही तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पूछा कि कई लोग कह रहे हैं कि यह सब बीसीसीआई के पक्ष में हो रहा है और केवल उन्हें फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है. उन लोगों से मैं पूछना चाहता हूं, दिमाग खाली है क्या यार?
मेजबान देशों के हिसाब से हुआ टीमों का बंटवारा
चोपड़ा ने इस प्री-सीडिंग के पीछे का असली कारण समझाया. उन्होंने बताया कि टी20 विश्व कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका में संयुक्त रूप से हो रहा है. यह एक अनिवार्य भौगोलिक स्थिति है. भारत को अपने सभी मुकाबले भारतीय घरेलू मैदानों पर ही खेलने हैं. दूसरी ओर, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी टीमों को अपने सारे मैच श्रीलंका में खेलने हैं. इसलिए श्रीलंका और पाकिस्तान को एक ग्रुप में रखना और भारत को दूसरे ग्रुप में रखना बहुत जरुरी था ताकि वह अपने तय मेजबान देश में ही मुकाबले खेल सकें.
टी20 वर्ल्ड कप में यह कोई नया फॉर्मेट नहीं
जो लोग इसे आईसीसी का कोई नया नियम बता रहे हैं, उन्हें आकाश चोपड़ा ने क्रिकेट का पुराना इतिहास याद दिलाया. उन्होंने यह साफ किया कि प्री-सीडिंग का यह तरीका कोई नई व्यवस्था नहीं है. इससे पहले भी कई बार आईसीसी इसका इस्तेमाल कर चुका है. साल 2007, 2009, 2010 और 2012 के टी20 विश्व कप टूर्नामेंट में भी बिल्कुल इसी तरह का फॉर्मेट अपनाया गया था.
सुपर 8 में भारत का शेड्यूल
इस प्री-सीडिंग सिस्टम के तहत सुपर 8 के ग्रुप 1 में भारत को रखा गया है. भारत के साथ इस ग्रुप में दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे की तगड़ी टीमें शामिल हैं. ग्रुप 1 के ये सभी मुकाबले भारत में ही खेले जाएंगे. वहीं, ग्रुप 2 के सभी मैच श्रीलंका की धरती पर होंगे. भारतीय टीम 22 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलकर अपने सुपर 8 अभियान की जोरदार शुरुआत करेगी.
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