आग में घी डाल रहे हैं विदेशी, इस बात पर भड़के सुनील गावस्कर ने सुनाई खरी खोटी, बोले- हमारा मामला बाहरी लोग दूर रहें

Sunil Gavaskar reaction on Comment for India’s Asia Cup 2025 Squad: एशिया कप 2025 की टीम चयन में श्रेयस अय्यर और यशस्वी जायसवाल के बाहर होने पर काफी प्रतिक्रियाएं आईं. इनमें कुछ विदेशी विदेशी खिलाड़ी भी शामिल रहे. इन आलोचनाओं पर सुनील गावस्कर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भारतीय टीम चयन पर बाहरी दखल अनावश्यक है और चयनकर्ताओं के फैसलों पर टिप्पणी करना उनका काम नहीं.

Sunil Gavaskar reaction on Foreign Cricketers Comment for India’s Asia Cup 2025 Squad: भारत की एशिया कप 2025 की टीम की घोषणा 19 अगस्त को की गई. 15 सदस्यीय टीम में कुछ खिलाड़ियों के न होने पर बीसीसीआई और चयनकर्ताओं की काफी आलोचना की गई. विशेषकर श्रेयस अय्यर और यशस्वी जायसवाल को न चुनने पर. वैसे जायसवाल भारत की रिजर्व टीम का हिस्सा जरूर हैं, लेकिन अय्यर को तो वहां भी जगह नहीं मिली है. दोनों खिलाड़ियों के बाहर होने पर भारत ही नहीं ऑस्ट्रेलिया से भी आवाजें उठने लगी थीं. इस मामले के ज्यादा बढ़ने पर सुनील गावस्कर ने मोर्चा थाम है. उन्होंने विदेशी क्रिकेटरों द्वारा भारतीय टीम चयन पर टिप्पणी करने को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. लिटिल मास्टर ने सवाल उठाया कि आखिर विदेशी खिलाड़ी क्यों भारतीय चयनकर्ताओं के फैसलों पर राय देने की जरूरत महसूस करते हैं.

गावस्कर ने अपने स्पोर्टस्टार कॉलम में लिखा, “हैरानी की बात यह है कि विदेशी खिलाड़ी, जिनका भारतीय क्रिकेट में कोई दखल नहीं है और जिनकी जानकारी भी सीमित है, वे इस बहस में कूदकर आग में घी डाल रहे हैं. चाहे वे कितने भी बड़े खिलाड़ी रहे हों और चाहे कितनी भी बार भारत आ चुके हों, लेकिन भारतीय टीम का चयन पूरी तरह हमारा मामला है, उनका नहीं.” अय्यर ने हाल ही में पंजाब किंग्स को आईपीएल 2025 के फाइनल तक पहुंचाया और इससे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स को खिताब दिलाया था, उन्हें एशिया कप टीम से बाहर कर दिया गया.

‘भारतीय टीम चयन में नाक क्यों घुसाना’

श्रेयस मिडिल ऑर्डर की जगह के लिए वे दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन जगह शुभमन गिल को मिली. उन्हें अक्षर पटेल की जगह टीम का उपकप्तान भी बना दिया गया. इस फैसले के बाद खास तौर पर मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं. भारतीयों की आलोचना तो स्वाभाविक थी, लेकिन गावस्कर ने साफ कर दिया कि बाहरी लोगों को इसमें दखल नहीं देना चाहिए. गावस्कर ने कहा उन्हें अपने देश के क्रिकेट पर ध्यान देना चाहिए और हमें हमारे क्रिकेट की चिंता करने देना चाहिए. गावस्कर ने आगे लिखा, “हैरानी की बात है कि जब उनके देश की टीम चुनी जाती है, तो शायद ही कभी उनकी तरफ से कोई टिप्पणी सुनने को मिलती है. मानो चयन बिल्कुल परफेक्ट हो और किसी को कुछ कहने की जरूरत ही न हो. तो फिर भारतीय टीम चयन में नाक क्यों घुसाना?”

हैडिन और डिविलियर्स ने की थी टिप्पणी

हालांकि गावस्कर ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी ब्रैड हैडिन और एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़ियों की इस विषय पर राय के बाद आई है. पंजाब किंग्स के कोच रहे हैडिन ने कहा था कि वे हैरान थे और सोचा कि अय्यर शायद चोटिल हैं, वे उन्हें कप्तान के तौर पर देख रहे थे, जबकि उनको टीम में ही नहीं चुना गया है. वहीं डिविलियर्स ने भी इशारों में कहा था कि फैसले के पीछे बंद दरवाजों के भीतर की बातें हैं, हालांकि उनका लहजा संतुलित रहा.

लोकप्रियता के लिए करते हैं ऐसा

गावस्कर ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए कहा कि इनमें से कई टिप्पणियां महज सोशल मीडिया पर ध्यान आकर्षित करने के लिए की जाती हैं. उन्होंने कहा, “आज के दौर में, जब व्यूज और फॉलोअर्स बटोरना ही मकसद बन गया है, तो सबसे आसान तरीका है भारतीय क्रिकेट पर टिप्पणी करना. और अक्सर वे नकारात्मक टिप्पणी करते हैं, ताकि भारतीय यूजर्स से भारी प्रतिक्रिया मिले और उनके फॉलोअर्स बढ़ें.”

इंडियन मीडिया पर भी उठाए सवाल

उन्होंने भारतीय मीडिया को भी कटघरे में खड़ा किया, “कितनी बार हमने विदेशी दौरों पर देखा है कि भारतीय मीडिया वहां के पूर्व खिलाड़ियों का पीछा करता है, ऐसे खिलाड़ी जिन्हें उनका अपना देश भी भूल चुका है और उनसे इंटरव्यू करता है. मानो भारतीय क्रिकेट और उसके खिलाड़ियों की मान्यता हमें विदेशी खिलाड़ियों से ही लेनी हो.”

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