Ravindra Jadeja and Shardul Thakur Heated Moments: भारत और इंग्लैंड के बीच लीड्स में खेला गया टेस्ट मैच अपने आप में अलग तरह का रहा. भारत की ओर से इतिहास में पहली बार किसी मैच में पांच शतक लगे, फिर भी टीम हार गई. भारत ने 835 रन बनाए, लेकिन मैच नहीं बचा सकी. बुमराह जैसा दिग्गज गेंदबाज होते हुए भी भारत 82 ओवर में 10 विकेट नहीं ले सका और भारत मैच गंवा बैठा. इंग्लैंड ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की विजेता टीम के दिए गए 371 रन के लक्ष्य को 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया. अगर इंग्लैंड ने बैजबॉल शैली का इस्तेमाल किया, तो भारत ने उसे भरपूर मौके भी उपलब्ध कराए. एक ओर कैच छोड़े, तो दूसरी ओर कुछ अनचाहे लम्हे आए.
मंगलवार को अंतिम सत्र के दौरान भारतीय क्रिकेटरों के बीच गुस्सा, झुंझलाहट और थोड़ी नकारात्मकता भी दिखने लगी. रवींद्र जडेजा अहम समय में एक शानदार ओवर फेंक रहे थे और लगातार दो गेंदों पर रूट को लगभग आउट कर ही चुके थे, लेकिन फील्डिंग में शार्दुल ठाकुर की सुस्त कोशिश के कारण तीन रन लीक होने से काफी नाराज हो गए.
रवींद्र जडेजा ने शार्दुल ठाकुर पर गुस्सा किया
62वें ओवर की चौथी गेंद पर जडेजा ने रूट के बाहरी किनारे को एक बेहतरीन गेंद से छुआ और उससे पहले की गेंद पर उन्हें एलबीडब्लू करने के करीब पहुंच गए थे. इसके बाद उन्होंने एक फ्लाइटेड गेंद डाली, जो रूट को ड्राइव करने के लिए उकसाया. रूट ने ड्राइव खेली और गेंद मिड ऑन की ओर गई, जहां शार्दुल ठाकुर गेंद की लाइन से आगे निकल गए और फिसल गए. जहां सिर्फ दो रन होने चाहिए थे, वहां इंग्लैंड को तीन रन मिल गए.
शार्दुल को उठने और गेंद उठाने में काफी समय लग गया. यही बात जडेजा को नागवार गुजरी और उन्होंने शार्दुल पर जोर से चिल्लाया और उनकी खराब फील्डिंग को लेकर नाराजगी जताई. शार्दुल ने सफाई देने की कोशिश की कि वह फिसल गए थे. वहीं रूट और स्टोक्स ने मौके का फायदा उठाकर एक अतिरिक्त रन चुरा लिया. गुस्साए जडेजा फिर से अपनी रन-अप पर लौट गए.
रवींद्र जडेजा का फील्डिंग में फिलहाल कोई सानी नहीं दिखता, वे मैच में पूरी जान लगाकर प्रयास करते हैं और ऐसे में उनकी प्रतिक्रिया स्वाभाविक थी, क्योंकि उस स्थिति में सभी फील्डरों से बेहतर प्रयास की उम्मीद थी. इस टेस्ट मैच में भारत की फील्डिंग बेहद खराब रही. ओपनिंग बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने अकेले चार कैच छोड़े हैं, जिनमें से दो एक ही पारी में थे. यहां तक कि जडेजा ने भी पहली पारी में बेन डकेट का कैच छोड़ दिया था. डकेट को दूसरी पारी में भी तब जीवनदान मिला जब वह 98 रन पर थे. इसके बाद उन्होंने 170 गेंदों में 149 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसने भारत की हार की पटकथा लिख दी.
कितना मनहूस है इस बल्लेबाज का शतक, जब-जब जड़ा भारत को नहीं मिली जीत
एक ही दिन में इंग्लैंड से दूसरा मुकाबला हारी इंडिया, अभ्यास मैच में हरलीन के शतक गया बेकार
