2019 में न्यूजीलैंड दे चुका है भारत को गहरा घाव, क्या रोहित सेना लेगी धोनी के आंसू का बदला?

2019 के सेमीफाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ एमएस धोनी ने शानदार खेल दिखाया था. लेकिन दो रन लेने की कोशिश में रन आउट हो गए थे. धोनी के आउट होते ही भारत की उम्मीदें भी खत्म हो गईं थीं. पवेलियन लौटते समय धोनी फूट-फूटकर रोए थे.

भारत और न्यूजीलैंड की टीमें वर्ल्ड कप 2023 के पहले सेमीफाइनल में 15 नवंबर को आमने-सामने होंगीं. मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दोपहर दो बजे से खेला जाएगा. चार साल बाद फिर से दोनों टीमों के बीच भिड़ंत होगी. 2019 में न्यूजीलैंड ने भारत को गहरा घाव दिया था. विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम को कीवी टीम ने 18 रन से हरा दिया था और वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया था. उस मैच में कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी फूट-फूट कर रोए थे.

2019 में क्या हुआ था

9 जुलाई 2019 को पहले सेमीफाइनल में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें आमने-सामने हुई थीं. मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी थी. भुवनेश्वर कुमार की घातक गेंदबाजी के दम पर भारत ने कीवी टीम को 50 ओवर में 8 विकेट चटकाकर 239 रन पर ही रोक दिया. भुवी ने 3 विकेट चटकाये थे. लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को 5 के स्कोर पर ही तीन बड़ा झटका लगा. रोहित शर्मा , विराट कोहली और केएल राहुल एक-एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए. हालांकि एमएस धोनी 50 और रविंद्र जडेजा ने 77 रन की पारी खेलकर मैच को रोमांचक मोड़ पर पहुंचा दिया था. आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 23 रन चाहिए थे. लेकिन भारत 49.3 ओवर में 221 रन पर ही ऑल आउट हो गई. उस समय धोनी दो रन लेने की कोशिश में रन आउट हो गए थे.

रोहित सेना लेगी धोनी के आंसू का बदला?

2019 के सेमीफाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ एमएस धोनी ने शानदार खेल दिखाया था. लेकिन दो रन लेने की कोशिश में रन आउट हो गए. धोनी के आउट होते ही भारत की उम्मीदें भी खत्म हो गईं. पवेलियन लौटते समय धोनी फूट-फूटकर रोने लगे थे. भारत का सफर वर्ल्ड कप में वहीं समाप्त हो गया. लेकिन कीवी टीम ने जो घाव दिया था, उसे आजतक कोई नहीं भूल पाया. चार साल बाद फीर से वही दिन आया है. लेकिन समय बदल चुका है, इस बार रोहित शर्मा की अगुआई में भारतीय टीम धमाकेदार प्रदर्शन कर रही है. लगातार 8 मैच जीतकर 16 अंकों के साथ भारत प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर मौजूद है. लीग मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से धूल भी चटाया है. अब सेमीफाइनल में रोहित सेना न्यूजीलैंड को हराकर धोनी के आंसू का बदला लेना चाहेगी.

Also Read: World Cup: भारत के लिए सेमीफाइनल में खतरा बन सकता है यह ‘भारतीय’ खिलाड़ी, रोहित सेना को रहना होगा सावधान

20 साल बाद वर्ल्ड कप में भारत ने न्यूजीलैंड को हराया

आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है. मौजूदा वर्ल्ड कप से पहले दोनों टीमों के बीच 10 बार भिड़ंत हुई थी, जिसमें भारत को केवल 4 में और न्यूजीलैंड को 5 मैचों में जीत मिली थी. आखिरी बार न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को 2003 में जीत मिली थी. लेकिन वर्ल्ड कप 2023 में भारत ने 20 साल बाद न्यूजीलैंड को हराया और बदला लिया. लीग मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया.

वानखेड़े में भारत को रहना होगा सतर्क

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 15 नवंबर को जब न्यूजीलैंड के खिलाफ मैदान पर भारतीय टीम उतरेगी, तो उसे सतर्क रहना होगा. न्यूजीलैंड के स्टार खिलाड़ी रचिन रविंद्र अच्छे फॉर्म में चल रहे हैं. अबतक 565 रन बना चुके हैं और गेंदबाजी भी अच्छी कर रहे हैं. दूसरी ओर वानखेड़े में भारत का सेमीफाइनल मुकाबले में अच्छा अनुभव नहीं रहा है. 1987/88 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने लीग मैचों में शानदार प्रदर्शन किया था. ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और जिंबाब्वे के साथ ग्रुप ए में रहते हुए भारतीय टीम 6 मैचों में 5 जीत और एक हार के बाद 20 अंक लेकर टॉप पर रही. लेकिन दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड से हारकर भारत वर्ल्ड कप से बाहर हो गया. भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला 5 नवंबर 1987 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया था. उस मैच में इंग्लैंड को भारत ने 254 रन पर 6 विकेट गिराकर रोक दिया था. लेकिन जवाब में पूरी भारतीय टीम 45.3 ओवर में केवल 219 रन पर ऑल आउट हो गई. इंग्लैंड ने उस मुकाबले को 35 रन से जीत लिया था. उस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >