Ranji Trophy 2023-24: मुंबई ने 8 साल बाद रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता, बनाया रिकॉर्ड, विदर्भ को 169 रन से रौंदा

Ranji Trophy 2023-24: मुंबई ने 42वीं बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया है. फाइनल मुकाबले में 5वें और आखिरी दिन मेजबान टीम ने विदर्भ को 169 रन से हराया और ट्रॉफी पर कब्जा जमाया.

Ranji Trophy 2023-24: मुंबई ने 8 साल बाद जीता रणजी ट्रॉफी का खिताब

घरेलू क्रिकेट की दिग्गज टीम मुंबई ने आठ साल का इंतजार खत्म करते हुए अपना ही रिकॉर्ड बेहतर करके 42वीं बार रणजी ट्रॉफी खिताब जीता. टूर्नामेंट के इतिहास में 90 में से 48वीं बार मुंबई फाइनल में पहुंची थी. मुंबई ने आखिरी बार रणजी ट्रॉफी का खिताब 2015-16 में जीता था. मुंबई ने उस समय फाइनल मुकाबले में सौराष्ट्र की टीम को हराया था और खिताब पर कब्जा जमाया था.

मुंबई ने विदर्भ को जीत के लिए दिया था 538 रनों का बड़ा लक्ष्य

वानखेड़े स्टेडियम पर खेले गए फाइनल का नतीजा लगभग उसी समय तय हो गया था जब विदर्भ को 538 रन का लगभग नामुमकिन सा लक्ष्य मिला था. विदर्भ के कप्तान अक्षय वाडकर (102) और हर्ष दुबे (65) ने हालांकि पूरे पहले सत्र में मुंबई के गेंदबाजों को परेशान किया. विदर्भ ने पांच विकेट पर 248 रन से आगे खेलना शुरू किया था और उसे 290 रन और चाहिये थे. विदर्भ की टीम 368 रन पर आउट हो गई.

विदर्भ के अक्षय वाडकर ने इस साल पहला शतक जमाया और सत्र में 600 रन का आंकड़ा पार किया

अक्षय वाडकर ने इस साल पहला शतक जड़ने के साथ ही सत्र में 600 रन का आंकड़ा भी पार किया. वहीं दुबे ने प्रथम श्रेणी कैरियर में दूसरा अर्धशतक जमाया. दोनों ने 194 मिनट और 255 गेंद तक चली साझेदारी निभाई. दूसरे सत्र का खेल शुरू होने के कुछ देर बाद ही वाडकर को तनुष कोटियान ने आउट किया. कोटियान ने 95 रन देकर चार विकेट लिये. यह साझेदारी टूटने के बाद विदर्भ की हार पर लगभग मुहर लग गई. विदर्भ दो बार खिताब जीतने के बाद तीन बार फाइनल हार गया है.

तनुश कोटियन ने की घातक गेंदबाजी

दूसरी पारी में मुंबई की ओर से तनुश कोटियन ने घातक गेंदबाजी की. उन्होंने 39 ओवर में 95 रन देकर 4 विकेट चटकाये. तुषार देशपांडे ने शॉर्ट गेंद पर दुबे को आउट किया. दुबे ने 128 गेंद में पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से 65 रन बनाये. देशपांडे ने ही आदित्य सरवटे को भी पवेलियन भेजा. कोटियान ने यश ठाकुर (छह) के रूप में चौथा विकट लिया. वहीं अपने कैरियर का आखिरी मैच खेल रहे धवल कुलकर्णी ने उमेश यादव का विकेट लेकर विदर्भ की पारी का पटाक्षेप किया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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