Kavya Maran Picked SRH Playing X1: आईपीएल 2026 खत्म हुए कुछ दिन हो चुके हैं. इस दौरान इंग्लैंड और सनराइजर्स हैदराबाद के ऑलराउंडर खिलाड़ी लियम लिविंगस्टन ने एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने एक पॉडकास्ट में कहा कि टीम मलिक का प्लेइंग-11 चुनने में अहम रोल था. लिविंग्स्टन ने इस मुद्दे पर कई और बड़े खुलासे किए हैं.
लिविंगस्टन ने ‘स्टिक टू क्रिकेट’ पॉडकास्ट से बातचीत के दौरान कहा कि एसआरएच की प्लेइंग-11 पर टीम के मालिकों का प्रभाव था और एक युवा भारतीय खिलाड़ी सलिल अरोड़ा को इसी वजह से लगातार मौके मिले थे. लिविंग्स्टन का यह बयान सोशल मिडिया पर तेजी से फैल गया. जिसके बाद तरह-तरह के सवाल उठने लगे.
मालिक उसे बहुत पसंद करते थे
आईपीएल 2026 की नीलामी में SRH ने लियम लिविंगस्टन को 13 करोड़ रुपये की बड़ी कीमत पर अपने साथ जोड़ा था. हालांकि, पूरे सीजन में उन्हें सिर्फ दो मैच खेलने का मौका मिला. पॉडकास्ट में लिविंगस्टन ने कहा कि टीम में एक भारतीय खिलाड़ी ऐसा था, जिसे फ्रेंचाइजी के मालिक काफी पसंद करते थे और इसी कारण उसकी प्लेइंग इलेवन में जगह लगभग तय रहती थी.
लिविंगस्टोन ने कहा कि हमने ऑक्शन में एक ऐसे खिलाड़ी को खरीदा था जिसे मुंबई इंडियंस भी लेना चाहती थी. हमारे पास ज्यादा पैसे थे, इसलिए हमने उसे खरीद लिया. फ्रेंचाइजी के मालिक उसे बहुत पसंद करते थे और ऐसा लग रहा था कि उसकी टीम में जगह लगभग पक्की थी.
डेनियल विटोरी से मिला क्लियर जवाब
इंग्लिश ऑलराउंडर ने आगे बताया कि जब उन्होंने अपनी भूमिका और टीम संयोजन को लेकर हेड कोच डेनियल विटोरी से बातचीत की, तो उन्हें काफी स्पष्ट जवाब मिला. विटोरी ने उनसे कहा था कि फ्रेंचाइजी उस खिलाड़ी को लेकर काफी उत्साहित है और टीम की योजना में उसका महत्वपूर्ण स्थान है. इस बातचीत के बाद उन्हें एहसास हो गया कि प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना उनके लिए आसान नहीं होने वाला. हालांकि, लिविंगस्टोन ने विटोरी की ईमानदारी की सराहना भी की. उनका कहना था कि कोच ने उन्हें वास्तविक स्थिति बताई.
लिविंग्स्टन को सिर्फ दो मैच में मिला मौका
आईपीएल 2026 में लिविंगस्टन को सिर्फ दो मैचों में खेलने का मौका लिया. वो सिर्फ 15 रन ही बना पाए. इस सीजन उनका हाईएस्ट स्कोर 14 रन रहा. लिविंग्स्टन बतौर ऑलराउंडर के रूप में खेलते हैं. लेकिन इस सीजन में उनसे गेंदबाजी नहीं कराई गई.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
लिविंगस्टन के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. कई प्रशंसकों का मानना है कि टीम चयन का फैसला पूरी तरह कोच और कप्तान के हाथ में होना चाहिए, जबकि कुछ लोगों का तर्क है कि करोड़ों रुपये निवेश करने वाले मालिक स्वाभाविक रूप से टीम की रणनीति में रुचि रखते हैं.
स्वयं ऋषि
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