मुंबई इंडियंस के लकी चार्म बने तिलक वर्मा, हार्दिक ने कहा-टीम को इसकी सख्त जरूरत थी

Tilak Varma : आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए तिलक वर्मा आशा की नई किरण बनकर आए हैं, जिन्होंने 5 बार की विजेता टीम को उसके खराब दौर से निकालने की कोशिश की है. उन्होंने टीम में नई जान फूंकी है. आईपीएल में उनका पहला शतक इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है.

Tilak Varma : मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइटंस के बीच सोमवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जो मैच खेला गया, उसमें मुंबई ने ना सिर्फ 99 रन से जीत दर्ज की है, बल्कि इस मैच ने टीम में नई जान फूंक दी है. टीम को एक बार फिर से लड़ने का जज्बा मिला है और यह सबकुछ हो पाया है मैच के | प्लेयर ऑफ द मैच तिलक वर्मा की वजह से.

तिलक वर्मा ने शानदार शतक जड़ा

तिलक वर्मा ने अपने बल्ले से नरेंद्र मोदी स्टेडियम में एक तरह से जादू किया और अपनी टीम को फिर से ट्रैक पर ले आये. उन्होंने 224.44 के स्ट्राइक रेट से बिना आउट हुए 101 रन बनाए. उनका यह स्कोर 45 गेंदों में बना, जिसमें 8 छक्के और 7 चौके शामिल थे. तिलक वर्मा ने एक तरह से अपनी टीम के माथे पर विजयी भव का आशीर्वाद चस्पां कर दिया है. जीत के बाद जब उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड मिला तो उन्होंने अपने पहले शतक पर खुशी जाहिर की. तिलक के कहा कि पहला शतक हमेशा स्पेशल रहेगा. सच कहूं तो, यह हमारे लिए बहुत जरूरी था. हमारी टीम के पास ज्यादा टाइम नहीं है. हर गेम हमारे लिए ज़रूरी है. पिछले पांच मैच में मैं कुछ खास नहीं कर पाया, लेकिन यह हमारे लिए बहुत अहम मैच था. मैं प्रेशर में था, इसलिए सिर्फ अपनी स्किल का इस्तेमाल किया.

तिलक ने 23 गेंदों में 82 रन बनाए

मुंबई की शुरुआत बहुत खराब रही थी. तिलक वर्मा भी जब खेलने आए थे, तो काफी प्रेशर में थे और उन्होंने अपनी पहली 22 गेंदों पर 19 रन बनाए थे. बाद में उन्होंने 23 गेंदों में 356.52 के औसत से 82 रन बनाए. वे मुंबई के सबसे तेज शतक बनाने वालों की सूची में भी शामिल हो गए हैं. तिलक के शतक से टीम का उत्साह बढ़ा है और टीम के कप्तान हार्दिक पांड्‌या ने कहा कि इसकी बहुत जरूरत थी. तिलक में जिस तरह का टैलेंट है, उसे सच में ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है. इसलिए मैं उन्हें बस यही मैसेज देता रहा कि तुम बस बॉल को देखो और चाहे कुछ भी हो, बॉल को हिट करो, क्योंकि मुझे सच में लगता है कि उनके बल्ले से जिस तरह की बॉल निकलती है वह वाकई कुछ खास है. अब समय आ गया था कि वह आएं और कुछ अच्छा करें.तिलक के पास ज़्यादातर कम रिस्क वाली टेक्निक है. 20वां ओवर जबरदस्त था, तिलक 80 रन पर थे और मुंबई का स्कोर 177/5 था।). बैटर के लिए सेंचुरी और टीम के लिए 200 – दोनों ही साइकोलॉजिकली हौसला बढ़ाने वाले माइलस्टोन – पहुंच में थे और तिलक ने दोनों लक्ष्य पूरा किया.

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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