गुजरात से 1 रन से हारकर दिल्ली ने बनाया यह रिकाॅर्ड

GT vs DC : गुजरात टाइटंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच बुधवार को दिल्ली में खेले गए मैच को एक रन से जीतकर गुजरात टाइटंस ने एक सनसनीखेज जीत दर्ज की. यह मैच आखिरी गेंद तक चला और इसने दोनों ही तरह के दर्शकों की सांसें थमा दीं.

GT vs DC : आईपीएल 2026 के सबसे रोमांचक मैचों की अगर लिस्ट बनेगी तो उसमें बुधवार को दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेले गए मुकाबले को जरूर जगह मिलेगी. इस मैच में गुजरात ने महज एक रन ने दिल्ली को हराया और अपने दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी. वहीं मैच को अपनी गलती से महज एक रन से हारकर दिल्ली ने अपने प्रशंसकों को बहुत निराश किया. इतना ही नहीं मैच को एक रन से हारकर दिल्ली ने एक रिकाॅर्ड भी बना दिया.

आईपीएल में दिल्ली की टीम 4 बार एक रन से हार चुकी है

दिल्ली की टीम जब बुधवार को गुजरात से हारी, तो वह हार आईपीएल में उसकी चौथी हार थी. आईपीएल में इस तरह का रिकाॅर्ड बनाने वाली दिल्ली एकमात्र टीम है. इससे पहले दिल्ली को 2015 में चेन्नई ने, 2016 में गुजरात लायंस ने और 2021 में आरसीबी ने एक रन ने हराया था.

गुजरात टाइटंस ने पहली बार 1 रन ने जी��� दर्ज की

दिल्ली के लिए एक रन से हार जहां बहुत दुखद है, वहीं गुजरात टाइटंस के लिए यह जीत उनके इतिहास की सबसे करीबी जीतों में से एक और काफी सुखद है. इससे पहले 2024 में गुजरात ने मुंबई को 6 रन से 2023 में लखनऊ सुपर जायंट्‌स को 7 रन और 2022 में कोलकाता को 8 रन से हरा चुकी है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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