वेस्टइंडीज का क्रिकेटर आईपीएल में कमेंटेटर, पत्नी चला रही जूस बार, काशी और भोजपुरी से खास रिश्ता

Daren Ganga and Pranita Tiwari: डेरेन गंगा वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर हैं, जिनकी पहचान मैदान के बाहर भी बनी है. उनकी कहानी भारतीय जड़ों और संस्कृति से गहराई से जुड़ी है. उनकी पत्नी प्रणीता तिवारी बनारस के अस्सी घाट से संबंध रखती हैं और ‘गंगा जूस बार’ चलाती हैं. दोनों अक्सर भारत आते हैं और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हैं.

Daren Ganga and Pranita Tiwari: क्रिकेट जगत में कई ऐसे नाम हैं, जिन्होंने मैदान से बाहर निकलकर भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है. वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर डेरेन गंगा (Darren Ganga) उनमें से एक हैं. लेकिन उनकी कहानी सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है, यह भारतीय जड़ों, संस्कृति, और आत्मीय रिश्तों से भी जुड़ी है, जिसकी एक खास झलक उनकी पत्नी प्रणीता तिवारी और उनके ‘गंगा जूस बार’ में दिखती है. डेरेन गंगा भारतीय मूल के हैं. उनके पूर्वज सालों पहले भारत से त्रिनिदाद एंड टोबैगो जाकर बस गए थे. गंगा का जन्म वहीं हुआ, लेकिन भारत से उनका रिश्ता हमेशा कायम रहा. यही नहीं, उनकी पत्नी प्रणीता तिवारी भी भारत से गहराई से जुड़ी हैं. भले ही उनका जन्म ऑस्ट्रेलिया में हुआ हो, लेकिन उनकी पारिवारिक जड़ें बनारस की पवित्र भूमि से जुड़ी हैं, खासकर अस्सी घाट से. प्रणीता अक्सर अपने पति के साथ भारत आती हैं और अस्सी घाट पर समय बिताती हैं.

कोरोना काल में जन्मी ‘गंगा जूस बार’

2020 में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी, उसी वक्त प्रणीता ने त्रिनिदाद में ‘गंगा जूस बार’ खोलने का फैसला किया. न्यूयॉर्क, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में काम कर चुकीं प्रणीता को वहां फ्रेश जूस की भारी कमी महसूस हुई. त्रिनिदाद में लोगों को केवल पैकेट वाले जूस ही मिलते थे. ऐसे में उन्होंने सोचा क्यों न एक ऐसा जूस सेंटर खोला जाए, जो न सिर्फ हेल्दी हो, बल्कि भारत की संस्कृति से भी जुड़ा हो.

‘गंगा जूस बार’ का विचार यूं ही नहीं आया. इसमें उनका भारतीय होने का गर्व, उनके बचपन की यादें और घर की रेसिपीज़ छिपी हैं. उन्होंने अपनी मां, नानी और सास से सीखी गई पारंपरिक भारतीय चीज़ों को आधुनिक रूप में पेश किया. हल्दी-अदरक वाले वेलनेस शॉट्स से लेकर विटामिन सी आधारित बनारसी सूप तक, उन्होंने हर डिश में भारत का स्वाद घोल दिया.

‘मोक्ष मेलन’ और अस्सी घाट: भारतीयता का प्रतीक

‘गंगा जूस बार’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि एक अनुभव है. यहां आने वाला हर ग्राहक भारतीयता की खुशबू महसूस करता है. प्रणीता ने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में बताया कि दुकान में अस्सी घाट की एक तस्वीर लगी है, जो ग्राहकों के लिए आकर्षण का केंद्र है. जब वो बताती हैं कि यह तस्वीर बनारस के प्रसिद्ध घाट की है, तो लोगों में भारत जाने की जिज्ञासा बढ़ती है. ‘मोक्ष मेलन’ नामक एक खास डिश भी यहां मिलती है, जिसका नाम ही भारतीय दर्शन को दर्शाता है. यह श्रीलंका से प्रेरित रेसिपी है, लेकिन इसके पीछे छिपा आध्यात्मिक संदेश लोगों को आकर्षित करता है.

भारतीय संस्कृति से गहरा जुड़ाव

भले ही प्रणीता का जन्म ऑस्ट्रेलिया में हुआ हो और उन्होंने अमेरिका में काम किया हो, लेकिन दिल से वो पूरी तरह भारतीय हैं. हिंदी और भोजपुरी बोलना उन्हें पसंद है. वह बताती हैं कि उनके भाई-बहन उन्हें हिंदी बोलते देख हँसते हैं, लेकिन उन्हें इस भाषा से प्यार है. वह भोजपुरी में भी संवाद करती हैं और यही नहीं, अपने पति डेरेन गंगा को भी भोजपुरी सिखा रही हैं. प्रणीता की इच्छा है कि वह भारत में पारंपरिक रीति-रिवाजों से दोबारा शादी करें. हल्दी-मेहंदी जैसे रस्मों के साथ. कोरोना के चलते उनका परिवार शादी में शामिल नहीं हो सका था, और वो इस अधूरेपन को भारत में पूरा करना चाहती हैं. अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर प्रणीता अक्सर अपने रीति रिवाज से संबंधित पोस्ट करती रहती हैं.

क्रिकेट से कमेंट्री तक का सफर

डेरेन गंगा का क्रिकेट करियर भी उतना ही प्रेरणादायक रहा है. उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 48 टेस्ट मैच खेले और 2160 रन बनाए, जिनमें 3 शतक और 9 अर्धशतक शामिल हैं. वनडे में 35 मुकाबलों में 843 रन बनाए और टी20 में एक मैच खेला. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 10,137 रन हैं, जिसमें 23 शतक और 48 अर्धशतक शामिल हैं. रिटायरमेंट के बाद उन्होंने कमेंट्री में करियर बनाया और फिलहाल वह आईपीएल के वर्ल्ड फीड के अंग्रेज़ी कमेंट्री पैनल का हिस्सा हैं. उनकी आवाज और क्रिकेट ज्ञान को दुनिया भर में सराहा जाता है.

नहीं सुधरे अबरार अहमद, चैंपियंस ट्रॉफी में शुभमन गिल, अब पीएसएल में फिर वही रिएक्शन, Video

मोहम्मद रिजवान तो बदल गए, PSL मैच से पहले किया कुछ ऐसा, हो रही भरपूर तारीफ

PSL 2025 में रिजवान ने बरसाए रन, ठोका शतक, लेकिन बाजी कोई और मार गया

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >