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Hardik Pandya Workload: भारतीय टीम ने 2026 का टी20 वर्ल्ड कप जीतकर नया इतिहास रचा था. इस शानदार जीत में हार्दिक पंड्या का बहुत बड़ा हाथ था. अब बीसीसीआई और टीम इंडिया का पूरा ध्यान साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप पर टिक गया है. भारत ने 2023 के बाद से आयोजित सभी मेंस आईसीसी टूर्नामेंट अपने नाम किए हैं. हालांकि, टीम इंडिया को 2023 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था.
अब 2027 में भारतीय टीम उस हार को भुलाकर वनडे वर्ल्ड कप का सूखा खत्म करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी. इस टूर्नामेंट में हार्दिक पंड्या एक बार फिर भारतीय टीम के लिए सबसे अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं.
वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए खास तैयारी
हार्दिक पंड्या ने आने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए अपनी तैयारियां अभी से तेज कर दी हैं. उन्होंने हाल ही के दिनों में अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की है. उनका मुख्य लक्ष्य अब अपना बॉलिंग वर्कलोड बढ़ाना है. टीम मैनेजमेंट की इच्छा है कि हार्दिक 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में अपने कोटे के पूरे 10 ओवर गेंदबाजी करें. इसके लिए उन्होंने अपने शरीर को लंबी गेंदबाजी के लिए मजबूत बनाना शुरू कर दिया है.
साउथ अफ्रीका की पिचों को देखकर प्लान
साल 2027 का वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका की धरती पर खेला जाएगा. वहां की पिचें हमेशा से तेज गेंदबाजों को मदद करती हैं और वहां काफी उछाल भी मिलता है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि इन विदेशी पिचों पर हार्दिक बहुत असरदार साबित हो सकते हैं. वह बल्ले और गेंद दोनों से टीम को एक परफेक्ट बैलेंस देते हैं. इसी कारण से मैनेजमेंट चाहता है कि वह पूरे 10 ओवर फेंकने के लिए एकदम फिट रहें.
कप्तान की जरूरत पर हमेशा रहेंगे मौजूद
यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि हार्दिक को हर एक मैच में पूरे 10 ओवर डालने ही पड़ें. सूत्र के मुताबिक, कप्तान ज्यादातर मैचों में उनसे सिर्फ 6 या 7 ओवर ही गेंदबाजी करवाएंगे. लेकिन अगर किसी अहम मैच में टीम मुश्किल में हो और कप्तान को उनसे पूरे 10 ओवर की दरकार हो, तो उन्हें इसके लिए पूरी तरह से उपलब्ध रहना होगा. उन्हें सिलेक्टर्स को यह विश्वास दिलाना होगा कि उनका शरीर 10 ओवर का भार आसानी से सह सकता है.
गेंदबाजी एक्शन और फिटनेस में किया सुधार
अपने वर्कलोड को बेहतर तरीके से उठाने के लिए हार्दिक ने अपनी गेंदबाजी में कुछ अहम बदलाव भी किए हैं. उन्होंने अपने बॉलिंग एक्शन पर गहराई से काम किया है. इसका मकसद यह है कि जब वह इन स्विंगर गेंद डालें, तो उनकी रफ्तार बिल्कुल भी कम न हो. उन्हें अपनी मौजूदा फिटनेस पर पूरा भरोसा है. उनका साफ मानना है कि उनका शरीर अब वनडे क्रिकेट में लगातार 10 ओवर फेंकने की बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए सौ प्रतिशत तैयार हो चुका है.
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